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EPFO New Update: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने अपने लाखों सदस्यों को राहत देने वाला फैसला लिया है. जैसा कि हम जानते हैं कि वे सदस्य जिनका ईपीएफओ अकाउंट बहुत पुराना है और उन्हें अगर अपने अकाउंट की जानकारी निकालना होता है तो इसमें बहुत कठिनाई होती है. इसलिए ईपीएफओ ने कर्मचारियों के रिकॉर्ड को प्रमाणित करने के लिए एआई तकनीक का इस्तेमाल करने का फैसला लिया है.
AI तकनीक से मिलेगी कितनी मदद
दरअसल, EPFO अपने कर्मचारियों के रिकॉर्ड को प्रमाणित करने के लिए AI ब्लॉकचेन और लर्निंग मशीन (एमएल) जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करेगा. UAN के लागू होने से पहले EPFO में शामिल हुए लोगों को संस्थान के बंद होने या दस्तावेजों के सही ना होने जैसे कई कारणों से अपने पुराने सेवा रिकॉर्ड को सत्यापित करने में अक्सर कठिनाई का सामना करना पड़ता है.
इस समस्या को हल करने के लिए नई तकनीक का उपयोग करने और ऐसे मॉडल विकसित करने की योजना बनाई जा रही है, जिससे लोग अपने EPFO अकाउंट की जानकारी आसानी से निकाल सकें. इस तकनीक से उन कर्मचारियों को बहुत फायदा होगा, जो कई सालों पहले अपने EPFO अकाउंट की जानकारी खो चुके हैं.
UAN नंबर से हुआ कितना लाभ
बता दें कि साल 2014 में शुरू किया गया 12 अंकों का UAN नंबर, सभी कर्मचारियों की आईडी के लिए एक सुरक्षा कवच का काम करता है. इससे कर्मचारी अपने पूरे करियर के दौरान भविष्य निधि से संबंधित सभी योगदानों को एक ही नंबर के तहत मैनेज कर सकते हैं, जिससे ट्रैकिंग, ट्रांसफर और पीएफ तक ऑनलाइन पहुंच आसान हो जाती है. वहीं, नए कर्मचारियों के लिए उनके अकाउंट को पोर्ट करना भी आसान बनाता है क्योंकि यह UAN से जुड़ा होता है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2024 तक 20.3 करोड़ UAN आवंटित किए जा चुके थे, जबकि कुल EPFO अकाउंट की संख्या 30 करोड़ से अधिक थी.
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