हाइलाइट्स
- अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की नई टैरिफ पॉलिसी का असर
- मजबूत हुआ रुपया
- दिसंबर 2024 के बाद पहली बार हुआ ऐसा
US Dollar Indian Rupee: भारतीय रुपया शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 34 पैसे की जोरदार तेजी के साथ 84.96 पर पहुंच गया, जो दिसंबर 2024 के बाद पहली बार 85 के नीचे आया है। डॉलर में भारी गिरावट और वैश्विक मंदी की आशंकाओं के बीच रुपये की ये तेजी देखने को मिली।
डॉलर में गिरावट की बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई टैरिफ पॉलिसी (New Tariff Policy) बनीं है. जिसमें 60 से ज्यादा देशों , जिसमें भारत भी शामिल है. पर भारी टैक्स (Tax) लगाने की घोषणा की गई है। इसके चलते वैश्विक आर्थिक सुस्ती और महंगाई बढ़ने की आशंका तेज हो गई है।
डॉलर में गिरावट के पीछे ये कारण रहे:
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डॉलर इंडेक्स में 2% की गिरावट (2 साल में सबसे बड़ी एक दिन की गिरावट)
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ब्रेंट क्रूड में गिरावट – 0.84% घटकर $69.55 प्रति बैरल
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फेडरल रिजर्व द्वारा इस साल जून से 4 बार ब्याज दरें घटाने की उम्मीद
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अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट, जिससे मंदी की आशंका और बढ़ गई
रुपये की मजबूती पर क्या बोले एक्सपर्ट्स?
सीआर फॉरेक्स एडवाइजर्स के अनुसार
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“भारत इस टैरिफ जंग में एशिया के बाकी देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में है। भारत पर औसतन 26% की ड्यूटी है, जो चीन और वियतनाम जैसे निर्यात-आधारित देशों से काफी कम है।“
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भारतीय मुद्रा को स्थिरता मिलती है और भारत की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति मजबूत होती है।
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एशियाई बाजारों में भी तेजी देखी गई, खासतौर पर कोरियन वॉन ने भी रुपये की तरह मजबूती दिखाई।
हालांकि, भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट रही क्योंकि ग्लोबल मार्केट का माहौल कमजोर रहा।
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