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ये करतूत पड़ी महंगी: महिला सिपाही के साथ होटल में पकड़े गए DSP तो डिमोशन कर सीधे बना दिया सिपाही

DSP Kripashankar Kanojia: पारिवारिक कारणों का बहाना कर घर जाने की छुट्टी लेकर महिला सिपाही के साथ होटल में पहुंच गए थे डीएसपी साहब!

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Rahul Sharma
ये करतूत पड़ी महंगी: महिला सिपाही के साथ होटल में पकड़े गए DSP तो डिमोशन कर सीधे बना दिया सिपाही

हाइलाइट्स

  • डीएसपी को डिमोशन कर बनाया सिपाही
  • होटल में महिला सिपाही के साथ पकड़े गए थे साहब
  • एडीजी प्रशासन ने 22 जून को जारी किया आदेश
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DSP Kripashankar Kanojia: एक पुलिस अधिकारी को घर जाने के बहाने महिला सिपाही के साथ समय बिताने की करतूत काफी महंगी पड़ गई। शासन ने अधिकारी को सीधे DSP से सिपाही बना दिया।

पुलिस अधिकारी ने SP से घर जाने के लिए छुट्टी मांगी थी, पर वह एक होटल में अपने महिला मित्र के साथ पकड़ा गया। पुलिस की छवि धूमिल न हो, इसलिए शासन ने ये कड़ी कार्रवाई की है।

DSP ने घर जाने ली थी छुट्टी

डीएसपी कृपाशंकर कनौजिया ने अपने एसपी ने पारिवारिक कारणों के चलते घर जाने के लिए छुट्टी ली थी।

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पर DSP Kripashankar Kanojia घर जाने की जगह एक होटल पहुंच गए।

वहां अपने महिला मित्र के साथ थे। ये महिला मित्र पुलिस विभाग में ही सिपाही है।

ऐसे पकड़ाए डीएसपी साहब

मामला उत्तर प्रदेश से जुड़ा है। बीघापुर में सीओ के पद पर रहे कृपा शंकर कनौजिया ने 6 जुलाई 2021 को एसपी उन्नाव से पारिवारिक कारणों से घर जाने के लिए छुट्टी मांगी।

छुट्टी मिलने के बाद DSP Kripashankar Kanojia घर न जाकर कानपुर की एक होटल चले गए। अपने प्राइवेट और सरकारी दोनो मोबाइल नंबर को बंद कर दिया।

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दोनो नंबर बंद होने पर DSP Kripashankar Kanojia की पत्नी ने इसकी शिकायत एसपी उन्नाव को की।

किसी अनहोनी की आशंका के चलते एसपी उन्नाव ने सर्विलांस टीम को लगाया तो पता चला कि इनका मोबाइल कानपुर की एक होटल में जाकर बंद हुआ है।

जब पुलिस टीम वहां पहुंची तो DSP Kripashankar Kanojia के साथ महिला सिपाही को देखकर दंग रह गई।

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वीडियो और सीसीटीवी फुटेज जब्त

पुलिस टीम को होटल के एक कमरे में DSP Kripashankar Kanojia के साथ एक महिला सिपाही मिली।

टीम ने सबूत के तौर पर वीडियो बनाए। वहीं होटल के सीसीटीवी में भी DSP Kripashankar Kanojia महिला मित्र के साथ आते दिखे।

पुलिस टीम ने सबूत के तौर पर वीडियो और सीसीटीवी फुटेज को जब्त कर अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सौंप दिए।

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तीन साल बाद हुई कार्रवाई

इस कांड के बाद विभाग की छवि धूमिल करने के चलते रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। शासन को इस मामले में जांच कर कार्रवाई करने में तीन साल लग गए।

चूंकि कृपाशंकर कनौजिया की प्रथम नियुक्ति सिपाही के पद पर ही हुई थी और वह प्रमोट होकर डीएसपी के पद पर पहुंचे थे।

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इसलिए शासन ने पूरे मामले की समीक्षा हो जाने के बाद 22 जून 2024 को कृपा शंकर कनौजिया को रिवर्ट यानी डिमोशन कर सिपाही बनाने की संस्तुती की।

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जिसके बाद एडीजी प्रशासन ने सीओ को प्रथम नियुक्ति के पद पर यानी सिपाही बनाने का आदेश जारी किया।

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