University Result: क्यों नहीं बढ़ रहा यूनिवर्सिटी की वार्षिक परीक्षाओं का औसत परिणाम?

University Result: क्यों नहीं बढ़ रहा यूनिवर्सिटी की वार्षिक परीक्षाओं का औसत परिणाम?

जगदलपुर से रजत वाजपेयी की रिपोर्ट। University Result: बस्तर के लोगों को बेहतर तरीके से शिक्षित करने के जिस मकसद से यूनिवर्सिटी की स्थापना की गई थी, वह फलीभूत होती नजर नहीं आ रही। बीते कई सालों से विवि की वार्षिक परीक्षाओं का औसत परिणाम 30 से 35 फीसदी ही आ रहा है।

संभाग में कुल 52 कॉलेज

इस सत्र के लिए 4 नए कॉलेज खोलने की अनुमति सरकार से मिलने के बाद शहीद महेंद्र कर्मा विवि के अधीन संभाग में कुल 52 कॉलेज हो चुके हैं। इनमें से अधिकतर का परफारमेंस कमजोर है। इस वर्ष का वार्षिक परीक्षाफल 29 प्रतिशत रहा है, जिसके कारण आगे की कक्षाओं में न केवल दर्ज संख्या कम होगी, बल्कि विवि से बच्चों में निराशा भी भरेगी।

बच्चों की लिखने की हैबिट छूट गई

विवि प्रबंधन का तर्क है कि कोरोना संकटकाल में हुए ऑनलाइन एग्जाम की वजह से बच्चों की लिखने की हैबिट छूट गई है। इसमें सुधार को लेकर विचार चल रहा है। विज्ञान और कला संकाय के परिणाम सबसे कमजोर आए हैं। इस साल के परिणाम 16 फीसदी तक आए हैं। यानी एक चौथाई बच्चे भी पास नहीं हो पाए।

फेल हुए बच्चों में स्वाध्यायी छात्र-छात्राएं भी शामिल

हालांकि, फेल हुए बच्चों में स्वाध्यायी छात्र-छात्राएं भी शामिल हैं। स्नातक और कुछ विषयों में स्नातकोत्तर स्तर के परिणाम को लेकर चिंता जताई जा रही है। वार्षिक परिणाम 30 फीसदी से भी कम रहना बच्चों के भविष्य के लिए चिंताजनक माना जा रहा है।

बच्चों का मनोबल टूटा

परिणाम को लेकर छात्र संघ पदाधिकारी आक्रोश जाहिर कर रहे हैं, जबकि बच्चों का मनोबल टूटा हुआ दिखाई दे रहा है। नियमित प्रोफेसर, प्राचार्यों की कमी के साथ ही कालेजों के संचालन के लिए पर्याप्त संसाधन की अनुपलब्धता को इसकी वजह माना जा रहा है। बहरहाल 70 हजार में से 20 हजार बच्चों के पास होने को लेकर अभिभावक भी चिंतित नजर आ रहे हैं।

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