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Ujjain Baba Mahakal Sawari: उज्जैन में बाबा महाकाल की दो सवारी देखकर कन्फ्यूज हो गए भक्त, प्रशासन से कैसे हुई बड़ी चूक

Ujjain Baba Mahakal Sawari: उज्जैन में बाबा महाकाल की दो सवारी देखकर भक्त कन्फ्यूज हो गए। प्रशासन से बड़ी चूक कैसे हो गई।

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Rahul Garhwal
Ujjain Baba Mahakal Sawari: उज्जैन में बाबा महाकाल की दो सवारी देखकर कन्फ्यूज हो गए भक्त, प्रशासन से कैसे हुई बड़ी चूक

हाइलाइट्स

  • उज्जैन में बाबा महाकाल की 2 सवारी
  • मार्ग पर आई दूसरी सवारी, भक्त कन्फ्यूज
  • उज्जैन प्रशासन से हुई बड़ी चूक
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Ujjain Baba Mahakal Sawari: उज्जैन में बाबा महाकाल की दूसरी सवारी के दौरान अजीब स्थिति बन गई। सवारी मार्ग पर महाकाल से पहले एक और सवारी निकली। इस सवारी में पालकी का आकार, ऊंचाई, सजावट सब मुख्य पालकी की तरह था। पालकी में महाकाल के मुखौटे को देखकर लोगों को लगा कि बाबा की सवारी है। भक्त कन्फ्यूज हो गए।

प्रशासन की बड़ी चूक

सवारी देखकर लोगों को लगा कि बाबा की सवारी है। वे पालकी की एक झलक पाने की कोशिश करने लगे, लेकिन बाद में पता चला कि दूसरी सवारी है। सवारी मार्ग पर दूसरी पालकी कैसे आई, इसे प्रशासन की बड़ी चूक के रूप में देखा जा रहा है।

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पुलिस ने क्यों नहीं दिया ध्यान

सवारी मार्ग पर बैरिकेडिंग के साथ भारी पुलिस बल तैनात रहता है। ऐसे में आखिरी कैसे कोई दूसरी सवारी लेकर आ गया। पुलिसकर्मी और प्रशासन के जिम्मेदारों ने ध्यान क्यों नहीं दिया।

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मंदिर के पुजारी नाराज

महाकाल की सवारी के मार्ग में कोई दूसरी सवारी आना बेहद बड़ी चूक है। इस मामले को लेकर मंदिर के पुजारी नाराज हैं। उनका कहना है कि प्रशासन को इस पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

अनुमति लेनी अनिवार्य

बाबा महाकाल की सवारी में देश-विदेश से श्रद्धालु शामिल होते हैं। रास्ते में लोग बाबा महाकाल का नए-नए तरीके से स्वागत करते हैं। भक्त सवारी में भजन मंडली के साथ आते हैं। वे बाबा की सवारी में झूमते हुए नजर आते हैं। इसके लिए अनुमति अनिवार्य होती है। इसके बाद ही सवारी में शामिल हो सकते हैं।

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5 अगस्त को निकलेगी बाबा की तीसरी सवारी

बाबा की सवारी में शामिल मंडली के लिए मंदिर प्रशासन बैठक बुलाता है। सवारी में कौनसी भजन मंडली शामिल होंगी। उनका कैसा स्वरूप रहेगा। कितने लोग शामिल होंगे। ये तय किया जाता है। भजन मंडलियों के प्रतिनिधियों को बुलाकर नियमों की जानकारी दी जाती है। महाकाल मंदिर का नियम है कि बिना अनुमति कोई सवारी में शामिल नहीं हो सकता। बाबा महाकाल की तीसरी सवारी 5 अगस्त को निकलेगी। पालकी में चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर मनमहेश, गरुड़ रथ पर शिव तांडव दर्शन देंगे।

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