अमेरिकी विश्वविद्यालय और भारतीय मूल के प्रोफसेर के बीच दो साल पुराने मुकदमे का निपटारा -

अमेरिकी विश्वविद्यालय और भारतीय मूल के प्रोफसेर के बीच दो साल पुराने मुकदमे का निपटारा

Share This

वाशिंगटन, 30 दिसम्बर (भाषा) अमेरिका के विश्वविद्यालय और भारतीय मूल के प्रोफेसर के बीच उस मामले में गोपनीय समझौता हो गया है, जिसमें प्रोफेसर पर एक छात्र के अनुसंधान को चोरी करने और उसे एक दवा कम्पनी को बेचने का आरोप लगाया गया था। इससे विश्वविद्यालय को लाखों डॉलर का नुकसान हुआ था।

मीडिया की खबरों के अनुसार ‘यूनिवर्सिटी ऑफ मिसौरी सिस्टम’ और फार्मेसी के पूर्व प्राध्यापक अशीम मित्रा के बीच दो साल पुराने मुकदमे को लेकर समझौता हो गया है।

‘कंसास सिटी स्टार’ की एक खबर के अनुसार उस अनुसंधान ने ‘ड्राई आई’ के इलाज के लिए एक दवा बनाने में मदद की, जो में बहुत लाभदायक हो सकता है।

खबर के अनुसार विश्वविद्यालय ने आरोप लगाया कि दवा का ‘पेटेंट’ स्कूल के नाम था, प्रोफेसर मित्रा के नहीं। मुकदमे में आरोप लगाया गया कि मित्रा ने इसे 15 लाख डॉलर में बेचा और इसकी ‘रॉयलटी’ से एक करोड़ डॉलर तक कमाए जा सकते है। विश्वविद्यालय का कहना है कि इस दवा की कीमत एक अरब डॉलर तक हो सकती है।

विश्वविद्यालय ने सोमवार को जारी किए गए एक बयान में कहा कि उसने मित्रा के साथ अपने मुकदमे को निपटारा कर लिया है।

बयान में कहा, ‘‘ विश्वविद्यालय ने अनुसंधान के बारे में अपने दावों को वापस ले लिया तथा खारिज कर दिया है और स्वीकार करता है कि आविष्कारकों को सही ढंग से नाम दिया गया है और पेटेंट या पेटेंट आवेदनों पर किसी भी अतिरिक्त दलों को आविष्कारक के रूप में शामिल नहीं किया जाना चाहिए।’’

खबर के अनुसार दोनों पक्षों में हुए समझौते की शर्तों की जानकारी नहीं दी गई है।

भाषा निहारिका शाहिद

शाहिद

Login

Welcome! Login in to your account

Remember me Lost your password?

Lost Password