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TV Channels New Rule: सरकार ने जारी किए टेलीविजन चैनलों के नियम ! अब सीधा प्रसारण करने के लिए नहीं लेना पड़ेगा अनुमति

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Bansal News
TV Channels New Rule: सरकार ने जारी किए टेलीविजन चैनलों के नियम ! अब सीधा प्रसारण करने के लिए नहीं लेना पड़ेगा अनुमति

Broadcast On Channels। भारत के टेलीविजन चैनलों के लिए बड़ी अपडेट आज सामने आ रही है जहां पर अपलिंकिंग हब के रूप में पेश करने के लिए सरकार ने टेलीविजन चैनलो ने नई गाइडलाइंस जारी की है। जिसे लेकर माना जा रहा है कि, भूटान, बांग्लादेश, श्रीलंका और नेपाल के टेलीविजन चैनलों को सिंगापुर के बजाय भारत से अपलिंक करने की अनुमति मिल सकती है।

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897 में से केवल 30 चैनल है अपलिंक

आपको बताते चलें कि, टैलीविजन चैनलों को लेकर बनाए गए नय नियम में कहा गया कि, अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में पंजीकृत कुल 897 में से केवल 30 चैनल भारत से अपलिंक है। इस नियम को लेकर संयुक्त सचिव (प्रसारण) संजीव शंकर ने मीडिया को बताया, "कार्यक्रमों के सीधा प्रसारण के लिए अनुमति लेने की आवश्यकता को समाप्त कर दिया गया है, केवल लाइव प्रसारण के लिए कार्यक्रमों का पूर्व पंजीकरण आवश्यक होगा. मानक परिभाषा (एसडी) से हाई डेफिनिशन (एचडी) या इसके विपरीत भाषा बदलने या ट्रांसमिशन मोड के रूपांतरण के लिए पूर्व अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी. चैनल को केवल मंत्रालय को बदलावों के बारे में सूचित करना होगा।

जानें और क्या है नए नियम

1- आपको बताते चलें कि, गाइडलाइंस में यह भी कहा गया कि, इलेक्ट्रॉनिक समाचार एकत्र करने वाले उपकरणों का उपयोग किया जा सकता है. टेलीविजन चैनलों को शिक्षा और साक्षरता के प्रसार, कृषि और ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, महिलाओं के कल्याण, कमजोर वर्गों के कल्याण जैसे राष्ट्रीय हित के विषयों पर हर दिन 30 मिनट की जनहित कंटेंट प्रसारित करना होगा।

2-  सरकार जनहित कंटेंट के तहत प्रसारण के लिए टेलीविजन चैनलों को कोई कार्यक्रम देगी. चैनल दिशानिर्देशों में उल्लिखित विषयों पर अपनी सामग्री बनाने के लिए स्वतंत्र हैं." दिशानिर्देश एक समाचार एजेंसी को वर्तमान में एक वर्ष के मुकाबले पांच साल की अवधि के लिए अनुमति दी है।

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3- बताया जा रहा है कि, टेलीविजन चैनलों को लेकर बदलाव 11 साल बाद वर्तमान संशोधन हुआ है. नए दिशानिर्देशों में कहा गया है कि एक कंपनी डिजिटल सैटेलाइट न्यूज गैदरिंग (डीएसएनजी) के अलावा अन्य समाचार एकत्र करने वाले उपकरणों जैसे ऑप्टिक फाइबर, बैक पैक, मोबाइल का उपयोग कर सकती है, जिसके लिए अनुमति लेना जरूरी है।

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