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आज का मुद्दा: वर्मा के बाद जायसवाल... 'गढ़' में खाकी पर सवाल!

DSP कल्पना वर्मा और पूर्व एडिशनल एसपी राजेंद्र जायसवाल के मामलों ने पुलिस महकमे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक पर कार्रवाई लंबित है तो दूसरे पर तुरंत सस्पेंशन, जिससे खाकी में दोहरे मापदंडों की बहस तेज हो गई है।

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Sourabh Pal

पहले DSP कल्पना वर्मा और अब बिलासपुर के तत्कालीन एडिशनल एसपी राजेंद्र प्रसाद जायसवाल.. दोनों मामलों ने पुलिस महकमे को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है..कल्पना वर्मा के मामले में विभागीय जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए..लेकिन कार्रवाई अधर में है..वहीं दूसरी ओर, बिलासपुर से सामने आए एक वीडियो और स्पा संचालक के आरोपों के बाद सरकार ने तुरंत कदम उठाते हुए एडिशनल एसपी राजेंद्र जायसवाल को सस्पेंड कर दिया..जायसवाल पर एक्शन के बाद सवाल खड़ा होता है कि एक पर फौरन कार्रवाई और दूसरे पर मेहरबानी क्यों..क्या कार्रवाई का पैमाना आरोपों से तय होता है या अफसरों के कद से..क्या खाकी के भीतर भी कानून के अलग-अलग तराजू हैं..इसी को लेकर अब सियासी शमसीरें भी निकल आई हैं..कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाया कि प्रदेश में हालात ठीक नहीं है..

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