सोशल मीडिया पर एक महिला कर्मचारी की पोस्ट ने कॉरपोरेट दुनिया का कड़वा सच सामने रख दिया है, रेडिट पर लिखे अपने अनुभव में महिला ने बताया कि उसकी सगाई से ठीक पहले बॉस ने साफ कह दिया, “शादी कोई इमरजेंसी नहीं है, काम पर आओ, इस आदेश ने न केवल उनकी खुशी में बाधा डाली बल्कि उसे पर्सनल और प्रोफेशनल दोनों लेवल पर तनाव में डाल दिया, महिला ने बताया कि मैंने अपनी जिम्मेदारियों को कभी हल्के में नहीं लिया. काम भी समय पर पूरे किए, दिनभर जूम कॉल्स, हर घंटे की रिपोर्टिंग और माइक्रो-मैनेजमेंट आम बात है, लेकिन कंपनी ने कर्मचारियों पर जियो-फेंसिंग तक लागू कर दी है, यानी 120 किलोमीटर से दूर जाना भी मना है, हैरानी की बात ये कि छुट्टी की सूचना दो महीने पहले दी गई थी, फिर भी शादी के वक्त वीकेंड पर काम की उम्मीद रखी गई, पोस्ट वायरल होते ही हजारों लोगों ने ऐसे टॉक्सिक वर्क कल्चर पर सवाल उठाए.
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