रायपुर में कथावाचक पंडित युवराज पांडेय ने.. जब अपनी सुरक्षा पर चिंता जताई, तो मामला सिर्फ़ सुरक्षा तक सीमित नहीं रहा.. जवाब में आए बयान, तंज और आरोप... सुरक्षा को लेकर मंत्री के बयान पर सियासी बवाल मचा.. और बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने आ गए... सवाल बरकरार है कि आख़िर सुरक्षा का घेरा किसके लिए है...ये हैं छत्तीसगढ़ के कथावाचक पंडित युवराज पांडेय.. जैसे ही कथावाचक ने अपनी सुरक्षा पर सवाल उठाए.. सियासत की कथा ही बदल गई.. सवाल सुरक्षा का था, लेकिन जवाबों में राजनीति, आरोप और तंज की पूरी महाभारत छिड़ गई... धार्मिक आयोजनों से जुड़े एक कथावाचक की चिंता ने सीधे प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर उंगली रख दी.. और सत्ता-विपक्ष आमने-सामने आ गए... पंडित युवराज पांडेय ने कहा कि.. कथावाचकों की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस व्यवस्था नहीं है... उनके इस बयान के बाद सरकार की ओर से जवाब आया.. जिसने सुरक्षा से ज़्यादा सियासत को हवा दे दी... कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि सनातनियों की सरकार में.. डाकुओं को सुरक्षा मिल रही है तो साधु संतों को क्यों नहीं मिलेगी...
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