छत्तीसगढ़ में आस्था, शिक्षा और सियासत.. तीनों की आमने-सामने है... छत्तीसगढ़ के महासमुंद में चौथी क्लास की हाफ इयरली परीक्षा का एक सवाल विवादों की वजह बन गया.. क्लासरूम से लेकर सड़क और सियासत तक इसकी आंच पहुंच गई... सवाल कुत्ते का था, लेकिन विवाद भगवान राम के नाम पर खड़ा हो गया… और एक एग्जाम का पेपर बन गया राजनीतिक अखाड़ा बन गया... आज इसी पर करेंगे चर्चा.. पहले देखिए खास रिपोर्ट छत्तीसगढ़ में राम के नाम पर राजनीति कोई नई बात नहीं है..लेकिन इस बार बहस मंदिर, यात्रा या भाषण को लेकर नहीं है..इस बार सियासी पारा चौथी क्लास की परीक्षा के एक सवाल को लेकर हाई है..महासमुंद जिले में चौथी क्लास की हाफ इयरली परीक्षा में मासूम बच्चों से सवाल पूछा गया कि मोना के कुत्ते का नाम क्या है..चार ऑप्शन दिए गए..उन्हीं में एक ऑप्शन था ..भगवान राम का नाम..बस यहीं से सवाल ज्ञान का नहीं, आस्था का बन गया और परीक्षा का पेपर सियासी अखाड़ा बन गया..हिंदू संगठनों ने जमकर प्रदर्शन किया और जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरे का पटेवा में घेराव किया..कलेक्टर-एसपी को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की..मामला सामने आते ही लोक शिक्षण विभाग हरकत में आया.. जांच के आदेश दिए गए..कारण बताओ नोटिस जारी हुआ..जांच के बाद जिला शिक्षा अधिकारी को दोषी पाया गया..लेकिन प्रशासनिक कार्रवाई से पहले ही सियासत में उबाल आ गया..कांग्रेस ने इसे प्रभु श्रीराम के नाम का अपमान बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी..
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