छत्तीसगढ़ के अधिकांश सरकारी स्कूलों में पढ़ाई पूरी तरह ठप रही..कई स्कूलों में शिक्षक नहीं पहुंचे और क्लासरूम सूने पड़े रहे..सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के आह्वान पर शिक्षकों ने एकदिवसीय हड़ताल कर मोर्चा खोला..शिक्षकों का आरोप है कि चुनाव से पहले किए गए वादे आज भी फाइलों में कैद हैं..मोदी की गारंटी के नाम पर जो भरोसा दिलाया गया था, वो जमीनी हकीकत में नजर नहीं आ रहा.. हड़ताल का असर पूरे प्रदेश में दिखा..सभी 33 जिला मुख्यालयों में शिक्षक सड़कों पर उतरे..रायपुर से लेकर सरगुजा, बस्तर और दुर्ग तक हड़ताल और प्रदर्शन की गूंज सुनाई दी..फेडरेशन ने चार सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन किया..जिनमें वेतन विसंगति दूर करने से लेकर क्रमोन्नत वेतनमान, पूर्व सेवा के लाभ, टेट की अनिवार्यता खत्म करने और VSK ऐप से उपस्थिति बंद करना शामिल है..इस बीच सियासत भी तेज हो गई..बीजेपी ने बातचीत की बात कही, तो कांग्रेस ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया..
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