Advertisment

'मंथरा का अपडेट वर्जन है मीडिया...', अनिरुद्धाचार्य का बयान

कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि कुछ मीडिया चैनल और पत्रकार अंधे हो चुके हैं, उनके सेवा कार्य नजरअंदाज हैं, लेकिन गाली देने का कोई मौका नहीं छोड़ते।

author-image
Sourabh Pal
Advertisment
चैनल से जुड़ें