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Women and Child Development Budget: मध्यप्रदेश सरकार ने साल 2026 का बजट पेश कर दिया है। बता दें कि एमपी में पहली बार डिजिटल बजट पेश किया गया है। वित्त मंत्री का कहना है कि बजट में हर वर्ग को ध्यान में रखा गया है। इस बजट में महिला एवं बाल विकास को लेकर कई बड़े ऐलान किए गए हैं। वित्त मंत्री ने बताया कि हमारी सरकार ने महिला सशक्तीकरण के लिए अनेक प्रभावशाली नीतियां और योजनाएं लागू की हैं। महिला स्व-सहायता समूह, शासकीय सेवा तथा जन-प्रतिनिधियों के रूप में भूमिका, टोल नाके तथा पेट्रोल पम्प जैसे पुरुष प्रधान व्यवसायों में प्रतिनिधित्व, खेती-किसानी, पुलिस व अन्य अर्धसैनिक बलों में बढ़ती भागीदारी तथा साहसिक खेलों में प्रदर्शन इसके प्रमाण हैं।
लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए हजार 801 करोड़ का प्रावधान
बालिकाओं के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा और विवाह तक के लिए प्रदेश में वर्ष 2007 से लागू लाड़ली लक्ष्मी योजना को और परिणाममूलक स्वरूप देकर वर्ष 2022-23 से "लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0" लागू की गई है। इस योजना के अन्तर्गत अब तक 52 लाख 29 हज़ार बालिकाओं को लाभान्वित किया गया है। इसके साथ ही योजना में 14 लाख 12 हज़ार बालिकाओं को छात्रवृत्ति भी प्रदान की गई है। इस योजना के लिये रुपये 1 हज़ार 801 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है।
प्रदेश में 2 हजार 949 आंगनबाड़ी केन्द्रों में शौचालय निर्माण तथा 31 हज़ार 425 आंगनबाड़ी भवनों में विद्युत व्यवस्था कार्य की स्वीकृति प्रदान की गई है। भारत सरकार से 24 हज़ार 662 सक्षम आंगनबाड़ी केन्द्रों को विकसित किये जाने की स्वीकृति प्राप्त हुई है, जिसके अंतर्गत स्मार्ट एल.ई.डी. टीवी, वॉटर प्यूरीफायर एवं खिलौने प्रदान किए जाने के साथ पोषण वाटिका का निर्माण तथा रेन वॉटर हार्वेस्टिंग की भी स्थापना की जा रही है। "पोषण 2.0" अन्तर्गत मातृ पोषण, नवजातों एवं शिशुओं का आहार एवं स्वास्थ्य, गंभीर एवं अति गंभीर कुपोषित शिशुओं की चिकित्सा एवं सम्पूर्ण स्वास्थ्य की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
कक्षा 8वीं तक के बच्चों को टेट्रा पैक में मिलेगा दूध
नवीन प्रस्तावित "यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना" के अन्तर्गत कक्षा 8 तक के प्रत्येक विद्यार्थी को अतिरिक्त पोषण प्रदाय के उद्देश्य से टेट्रा पैक में दुग्ध प्रदान किया जाएगा। वर्ष 2026-27 में इस योजनान्तर्गत 80 लाख विद्यार्थियों को दुग्ध पैकेट वितरित किये जाने का लक्ष्य है। आगामी पाँच वर्षों हेतु इस योजना का आकार रुपये 6 हज़ार 600 करोड़ है जिसमें से इस बजट में रुपये 700 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है।
नारी स्वाभिमान एवं स्व-निर्भरता की प्रतीक "लाड़ली बहना योजना" में वर्तमान में पंजीकृत महिलाओं की संख्या लगभग 1 करोड़ 25 लाख है। मुझे यह अवगत कराते हुये प्रसन्नता है कि लाड़ली बहनों को प्रतिमाह देय राशि रुपये 1 हज़ार 250 को बढ़ाकर रुपये 1 हज़ार 500 किया जा चुका है। इस योजना के लिये रुपये 23 हज़ार 882 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है।
इन जिलों में किया जाएगा सखी निवास का निर्माण
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजनान्तर्गत, प्रारंभ से अब तक कुल 51 लाख 76 हज़ार हितग्राहियों का पंजीयन किया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में रुपये 210 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। इस योजना के लिये रुपये 386 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है। कामकाजी महिलाओं के लिए आवासीय सुविधा हेतु ज़िला उज्जैन, धार, रायसेन, भिंड, सिंगरौली, देवास, नर्मदापुरम एवं झाबुआ में "सखी-निवास" निर्माणाधीन हैं। मुख्यमंत्री उद्यमशक्ति योजना में वर्तमान तक कुल 41 हज़ार 767 स्वसहायता समूहों एवं 4 हज़ार 165 महिला उद्यमियों को लाभान्वित किया गया है।
आंगनवाड़ी में होगी बंपर भर्ती
वित्त मंत्री ने बताया कि हमारी सरकार द्वारा श्रम शक्ति में नारी शक्ति की भागीदारी बढ़ाने और प्रदेश के नौनिहालों को पोषण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आंगनबाड़ियों मे 19 हज़ार से ज्यादा पदों पर भर्ती की कार्यवाही की जा रही है। उज्ज्वला योजना अंतर्गत विगत 2 वर्ष में 6 करोड़ 28 लाख 23 हज़ार गैस सिलिन्डर रिफिल कर सहायता दी गई है। बता दें कि नारी कल्याण संबंधी विभिन्न योजनाओं के लिए वर्ष 2026-27 में रुपये 1 लाख 27 हज़ार 555 करोड़ के प्रावधान प्रस्तावित हैं।
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