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MP Budget CM Mohan Yadav Reaction: मध्यप्रदेश विधानसभा में बजट 2026-27 पेश होने के बाद सीएम मोहन यादव ने पहली प्रतिक्रिया दी। सीएम मोहन यादव ने कहा कि ये पहला रोलिंग बजट है। बजट में 4 वर्गों का विशेष ध्यान रखा है, गरीब, महिला, युवा और किसान। ये बजट सिर्फ इस वर्ष का नहीं बल्कि आगामी 2 साल का बजट है।
सीएम यादव बोले-30% ग्रोथ से मप्र आगे बढ़ रहा
सीएम मोहन यादव ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश आगे बढ़ रहा है। विकास का पैमाना हमारी सरकार ने बनाया है। ये वर्ष किसान कल्याण के रूप में घोषित किया गया है। कृषि वर्ष के लिए 1 लाख 13 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान किया है। 30 प्रतिशत ग्रोथ से मध्यप्रदेश आगे बढ़ रहा है।
'एक रुपये भी नया टैक्स नहीं लगाया'
सीएम मोहन यादव ने कहा कि एक रुपये भी टैक्स नहीं बढ़ाया गया है। ये हमारे बजट की तीसरे साल की विशेषता भी है। इसका कारण है कि हमारे अपने वित्तीय संसाधनों का बेहतर सुप्रबंधन करते हुए अलग से किसी पर टैक्स न बढ़ाते हुए, उपलब्ध टैक्स के आधार पर सुव्यवस्था बनाकर बजट को लगातार बढ़ा रहे हैं।
'कोई योजना बंद नहीं कर रहे'
सीएम मोहन यादव ने कहा कि हम किसी योजना को बंद नहीं कर रहे हैं। हर योजना के लिए धनराशि का पर्याप्त प्रबंधन करते हुए हम वो सब कर रहे हैं जिसकी राज्य की आवश्यकता है।
'क्षतिग्रस्त पुल-पुलिया के लिए 900 करोड़ की राशि'
सीएम मोहन यादव ने कहा कि सरकार गांव-गांव तक सड़क ले जाएगी। क्षतिग्रस्त पुल पुलिया के लिए बजट में 900 करोड़ का प्रावधान किया है।
'पट्टे की जगह होगी होगी रजिस्ट्री'
सीएम मोहन यादव ने कहा कि हमने पहले ग्रामीणों को पट्टे दिए थे। अब उन ग्रामीणों को 3 हजार 800 करोड़ की लागत से मालिकाना हक देंगे। बैंकों में लोन और स्वामित्व के लिए रजिस्ट्री का महत्व होता है। पट्टे को लोन लेने में अटपटा मानते हैं। रजिस्ट्री का पूरा पैसा सरकार देगी और रजिस्ट्री ग्रामीणों के हक की होगी।
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बजट पर पूर्व सीएम कमलनाथ का रिएक्शन
मध्यप्रदेश के बजट पर पूर्व सीएम कमलनाथ ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बजट में सिर्फ बातों के बताशे हैं। चुनावी वादों को बजट में जगह नहीं मिली। 3000 रुपये लाड़ली बहना को और 450 रुपये में गैस सिलेंडर गायब हैं। ये बजट जनता से विश्वासघात है। MP के नये बजट में सिर्फ बातों के बताशे हैं।
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नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार बोले-बजट से हर वर्ग को निराशा
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विधानसभा में बजट पेश होने के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि हर वर्ग को इस बजट से निराशा है। किसानों की आय दोगुनी नहीं हो रही है। बीजेपी सिर्फ सपने दिखाने का काम करती है। दूसरे प्रदेश को बिजली दे रहे हो, लेकिन मध्यप्रदेश में सस्ती बिजली नहीं मिल रही। सिर्फ आंकड़ों की कलाबाजी है।
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बजट से कर्मचारी और मजदूर निराश
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मध्यप्रदेश कर्मचारी मंच के प्रदेश अध्यक्ष अशोक पांडेय ने कहा कि बजट 2026 ने कर्मचारी एवं मजदूर को निराश कर दिया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने बजट 2026 में न तो प्रदेश के कर्मचारियों के हित में कोई प्रावधान किया न मजदूरों के हित में प्रावधान किया। बजट पेश होने के बाद प्रदेश के मजदूरों एवं कर्मचारियों में निराशा का वातावरण निर्मित हो गया है। प्रदेश के कर्मचारी एवं मजदूरों को बजट 2026 से काफी आशा थीं, अपेक्षा थीं लेकिन बजट पेश होने के बाद यह आशा-अपेक्षा निराशा में बदल गईं। बजट में न तो दूर दृष्टि है और न दूरदर्शिता है। सरकार का बजट अंधकारमय लग रहा है। मध्यप्रदेश कर्मचारी मंच ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि बजट में आठवें वेतन आयोग एवं तीन प्रतिशत DA कैशलेस मेडिकल सुविधा स्थाई कर्मियों के सातवें वेतनमान का लाभ, दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमित कारण की सुविधा अंशकालीन कर्मचारियों को कलेक्टर दर का वेतन देने अतिशीघ्र प्रावधान किया जाए।
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