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MP Budget: मध्य प्रदेश में डॉ. मोहन यादव सरकार ने आज यानी बुधवार को अपना तीसरा बजट पेश किया। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा सुबह 11 बजे बजट भाषण की शुरुआत की। इस बार कोई सूटकेस नहीं बल्कि टैबलेट लेकर विधानसभा पहुंचे। यह बजट 4.65 लाख करोड़ रुपए का है। आइए जानते हैं कि मध्यप्रदेश की जनता को बजट 2026-27 में क्या-क्या मिला है। क्या खास हैं उनके लिए इस बजट में ? Madhya Pradesh Budget 2026-27
युवा-
MP बजट 2026: युवाओं और खिलाड़ियों के लिए वित्त मंत्री देवड़ा का बड़ा ऐलान।#MPBudget2026#KheloMP#LadliLaxmiYojana#YouthEmpowerment#TribalDevelopment#SportsInfrastructure#MadhyaPradeshNews#JagdishDevda#ViksitMP@JagdishDevdaBJP@DrMohanYadav51pic.twitter.com/LxLxTrfowK
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- मध्यप्रदेश सरकार के वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में कौशल विकास और रोजगार के तहत अलग-अलग योजनाओं और संस्थाओं के लिए करोड़ों के प्रावधान किए हैं।
- साल 2025 में अब तक आयोजित 608 रोज़गार मेलों तथा युवा संगम कार्यक्रम के माध्यम से 85 हज़ार युवाओं को ऑफर लेटर प्रदान किये गये हैं।
- रोजगार और युवाओं की ट्रेनिंग के लिए ये प्रावधान
- मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के अंतर्गत 750 करोड़ रुपये का प्रावधान।
- पोलीटेक्निक संस्थाओं के लिए 295 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
- स्वशासी तकनीकी संस्थाओं को सहायता के तहत 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया।
- ए.डी.बी. परियोजना (कौशल विकास) के लिए 110 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
- मुख्यमंत्री कौशल अप्रेंटिसशिप योजना के लिए 100 करोड़ रुपये।
- सीएम युवा शक्ति योजना के लिए 100 करोड़ रुपये।
- प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के लिए 95 करोड़ रुपये।
- इंजीनियरिंग महाविद्यालयों के लिए 70 करोड़ रुपये।
- मुख्यमंत्री जन कल्याण (शिक्षा प्रोत्साहन) योजना के लिए 70 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
महिलाएं-
MP Budget 2026: लाड़ली बहनों और बच्चों के लिए वित्त मंत्री का बड़ा ऐलान#MPBudget2026#LadliBehnaYojana#WomenEmpowerment#MPGovtJobs#FreeMilkScheme#LadliLaxmi#JagdishDevda#NariShakti#ViksitMPKaBudget@JagdishDevdaBJP@DrMohanYadav51pic.twitter.com/ICH0nor6ia
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- महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार ने नारी कल्याण से जुड़ी योजनाओं के लिए कुल 1,27,555 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया है।
- लाडली बहना योजना के लिए इस बार 23,842 करोड़ रुपये की बड़ी राशि तय की गई है, जिससे प्रदेश की करोड़ों महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा।
- लाडली लक्ष्मी योजना के तहत अब तक 52 लाख 29 हजार से अधिक बालिकाएं लाभान्वित हो चुकी हैं। इस योजना के लिए बजट में 1,800 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है।
- आंगनबाड़ी सेवाओं को मजबूत करने के लिए सरकार ने 19,000 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी रहने की जानकारी दी है।
- विधानसभा में जानकारी देते हुए वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बताया कि नारी कल्याण की योजनाओं के जरिए महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण को और मजबूती दी जाएगी।
- सरकार का फोकस महिलाओं, बालिकाओं और आंगनबाड़ी व्यवस्था को मजबूत कर समग्र विकास सुनिश्चित करने पर है।
किसान-
MP Budget 2026: किसानों के लिए बजट में क्या है खास?
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वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि प्रदेश के किसानों को 1 लाख सोलर पंप देंगे। किसानों को 337 करोड़ की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। पीएम फसल बीमा योजना में 1299 करोड़ का बजट का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के लिए 5501 करोड़ और ब्याज मुक्त अल्पकालीन कृषि ऋण के लिए 720 करोड़ खर्च किया जाएगा।
₹3,000 करोड़ के 1 लाख सोलर पंप
वित्त मंत्री ने कहा कि ₹3,000 करोड़ की लागत से किसानों को 1 लाख सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे किसान परिवारों को किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत हर साल कुल 12 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि भावांतर योजना की सफलता से प्रभावित होकर अन्य राज्यों ने भी इसमें रुचि दिखाई है।
प्राकृतिक खेती के लिए 21.42 लाख हेक्टेयर
कृषक उन्नति योजना की घोषणा की गई है, जिसमें किसानों को विशेष प्रोत्साहन प्रदान करने का प्रावधान रखा गया है। साथ ही जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 21 लाख 42 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को पंजीकृत किया गया है। नेशनल मिशन फॉर नेचुरल फॉर्मिंग अंतर्गत 1 लाख 89 किसानों द्वारा 75 हजार 650 हेक्टेयर में प्राकृतिक खेती का लक्ष्य है।
121 लाख MT फल, सब्जी उत्पादन का लक्ष्य
मध्य प्रदेश में 28 लाख 42 हजार हेक्टेयर में उद्यानिकी फसलों की पैदावार हो रही हैं। जिसमें 100 लाख मैट्रिक टन फलों और 259 लाख मैट्रिक टन से अधिक सब्जियों का उत्पादन शामिल हैं। जिसे वर्ष 2030 तक बढ़ाकर 136 लाख मैट्रिक टन फल और 344 लाख मैट्रिक टन सब्जियों के उत्पादन का लक्ष्य हैं।
उद्यानिकी गतिविधियों के लिए 772Cr का बजट
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि इस साल उद्यानिकी गतिविधियों के लिए करीब 772 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित हैं। जिसमें प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन 200 करोड़ और राष्ट्रीय उद्यानिकी मिशन के लिए 152 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित हैं।
मछली उत्पादन के लिए 412Cr का प्रावधान
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों के लिए 81 हजार 910 करोड़ का प्रावधान किया गया है। किसानों को 1 लाख 15 हजार करोड़ के वित्तीय संसाधन दिए जाएंगे। मछली उत्पादन के लिए 412 करोड़ का प्रावधान। किसानों को बिजली में राहत के लिए 20 हजार 485 करोड़ का प्रावधान किया है।
संतरा, टमाटर, लहसून, धनिया उत्पादन में पहला
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बताया कि मध्यप्रदेश दाल उत्पादन में पहला, गेहूं, ​तिलहन उत्पादन में दूसरा, देश के कुल उत्पादन का 35 प्रतिशत हिस्से का सोयाबीन एमपी से निकलता हैं। देश का तीसरा दुग्ध उत्पादक राज्य हैं। संतरा, टमाटर, लहसून, धनिया उत्पादन में पहला राज्य है। सब्जी उत्पादन में दूसरा है।
MP बजट 2026: वन और पर्यावरण क्षेत्र के लिए नई पहल#Environment#Forestry#Agriculture#GovernmentInitiative#GreenIndia#SustainableDevelopment#Budget2026#MP#MPNews#Budget#MPBudget2026#CMMohanYadavpic.twitter.com/z4xOosbrYU
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जानें किसानों के लिए बजट में और क्या-क्या ?
- एनर्जी डिपार्टमेंट में 5 एचपी के कृषि पम्पों, थ्रेशरों और एक बत्ती कनेक्शन को निःशुल्क बिजली सप्लाई के लिए 5276 करोड़ रुपए।
- मुख्यमंत्री कृषक फसल उपार्जन सहायता योजना में 1000 करोड़ रुपए।
- भावांतर और फ्लेट रेट योजना में 600 करोड़ रुपए।
- अधीनस्थ व विशेषज्ञ कर्मचारी वृन्द में 525 करोड़ रुपए।
- ड्रॉप मोर क्रॉप में 450 करोड़ रुपए।
- मुख्यमंत्री कृषि उन्नति योजना-2024 में 385 करोड़ रुपए।
- दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन में 60:40 प्रतिशत शेयरिंग पैटर्न के अंतर्गत 335 करोड़ रुपए।
- नेशनल मिशन ऑन ईडीबल ऑइल एण्ड ऑइलसीड में 266 करोड़ रुपए।
- सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मेकेनाईजेशन में 243 करोड़ रुपए।
- राष्ट्रीय कृषि विकास योजना में 226 करोड़ रुपए।
- फूड एण्ड न्यूट्रीशन सिक्योरिटी में 150 करोड़ रुपए।
- समर्थन मूल्य पर किसानों से फसल खरीदी पर बोनस का भुगतान में 150 करोड़ रुपए।
- नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग में 142 करोड़ रुपए।
- सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन (आत्मा) में 126 करोड़ रुपए।
- जवाहरलाल नेहरू कृषि यूनिवर्सिटी जबलपुर को ब्लॉक ग्रांट में 100 करोड़ रुपए।
- दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन में 100 प्रतिशत केन्द्रांश के अंतर्गत 100 करोड़ रुपए।
- कृषि क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता अनुसंधान में 100 करोड़ रुपए।
- सहायक भूमि संरक्षण कार्यालय के अमले की स्थापना के लिए 59 करोड़ रुपए।
सहकारिता विभाग
- सहकारी बैंकों को अंश पूंजी में 575 करोड़ रुपए।
- प्राथमिक साख सहकारी समितियों को प्रबंधकीय अनुदान के लिए 168 करोड़ रुपए।
- स्थापना व्यय के लिए 70 करोड़ रुपए।
- ऑडिट बोर्ड के लिए 70 करोड़ रुपए।
उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण विभाग
- राष्ट्रीय उद्यानिकी मिशन में 153 करोड़ रुपए।
- पौध शाला उद्यान के लिए 146 करोड़ रुपए।
- संचालनालय एवं अधीनस्थ कार्यालय के लिए 117 करोड़ रुपए।
- राष्ट्रीय कृषि विकास योजना में 100 करोड़ रुपए।
पशुपालन एवं डेयरी विभाग
- गहन पशु विकास परियोजना में 838 करोड़ रुपए।
- गौ एवं पशु संवर्धन के लिए 621 करोड़ रुपए।
- मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना में 250 करोड़ रुपए।
- चलित पशु कल्याण सेवा के लिए 79 करोड़ रुपए।
- पशु चिकित्सा विज्ञान यूनिवर्सिटी जबलपुर को ब्लॉक ग्रांट में 78 करोड़ रुपए।
- नेशनल एनीमल डिसीज कन्ट्रोल प्रोग्राम के लिए 60 करोड़ रुपए।
- जिला एवं संभागीय स्तर के लिए 51 करोड़ रुपए।
- पशु चिकित्सालय व अन्य भवनों का अधोसंरचना विकास के लिए 50 करोड़ रुपए।
- मुख्यमंत्री डेयरी विकास योजना के लिए 50 करोड़ रुपए।
- प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना में 181 करोड़ रुपए।
मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास
- मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना में 150 करोड़ रुपए।
- मत्स्योद्योग में जिला स्तर पर अमला के लिए 57 करोड़ रुपए।
- प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन में 200 करोड़ रुपए।
शिक्षा
MP Budget 2026: वित्त मंत्री देवड़ा का छात्रों को तोहफा, छात्रवृत्ति राशि में भारी बढ़ोतरी#MPBudget2026#ScholarshipNews#SchoolReform#StudentWelfare#MPGovernment#JagdishDevda#ViksitMP@DrMohanYadav51@JagdishDevdaBJPpic.twitter.com/JU9oGW0krq
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स्कूल शिक्षा के बजट में ये प्रावधान
- सरकारी प्राथमिक शालाओं की स्थापना के अन्तर्गत रुपये 11444 करोड़।
- माध्यमिक शालाएं के अन्तर्गत रुपए 7129 करोड़।
- समग्र शिक्षा अभियान के अन्तर्गत रुपये 5649 करोड़।
- शासकीय हाई / हायर सेकेण्डरी शालाओं के लिए 4233 करोड़।
- सांदीपनि विद्यालय के अन्तर्गत रुपये 3068 करोड़।
- अतिथि शिक्षकों का मानदेय के अन्तर्गत रुपये 1141 करोड़।आर.टी.ई. के तहत अशासकीय विद्यालयों को ट्यूशन फीस की प्रतिपूर्ति के अन्तर्गत रुपये 546 करोड़।
- पीएमश्री के अन्तर्गत रुपये 530 करोड़।
- प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लेपटाप का प्रदाय के अन्तर्गत रुपये 250 करोड़ का प्रावधान।
- जनजातीय छात्राओं को साइकिलों का प्रदाय के अन्तर्गत रुपये 210 करोड़।
- धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अन्तर्गत रुपये 208 करोड़।
- शासकीय स्कूल / छात्रावास / पुस्तकालय / आवासीय खेलकूद भवनों का निर्माण एवं विस्तार के अन्तर्गत रुपये 200 करोड़।
- हाई/हायर सेकेण्डरी स्कूलों में पढ़ने-लिखने की बैठक व्यवस्था एवं प्रयोगशाला के लिए रुपये 200 करोड़।
- स्टार्स परियोजना के अन्तर्गत रुपये 165 करोड़।
- पंचायती राज संस्थाओं के अध्यापक तथा संविदा शाला शिक्षकों को वेतन/मानदेय के अन्तर्गत रुपये 146 करोड़।
- जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की स्थापना के अन्तर्गत रुपये 130 करोड़।
- अशासकीय शालाओं को अनुदान के अन्तर्गत रुपये 120 करोड़।
- विकास खण्ड स्तर कार्यालय की स्थापना-मूलभूत न्यूनतम सेवाओं के लिए के अन्तर्गत रुपये 114 करोड़।
- जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्था-मूलभूत न्यूनतम सेवाओं के लिए के अन्तर्गत रुपये 111 करोड़।
- निःशुल्क पाठ्य सामग्री का प्रदाय के अन्तर्गत रुपये 101 करोड़।
- मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के अन्तर्गत रुपये 100 करोड़।
- छात्रावास भवन निर्माण एवं अधोसंरचना संरक्षण एवं विकास के अन्तर्गत रुपये 100 करोड़।
- शिक्षा उपकर से ग्रामीण शालाओं का उन्नयन एवं संधारण के अन्तर्गत रुपये 100 करोड़।
- राष्ट्रीय सैन्य दल वरिष्ठ संभाग के अन्तर्गत रुपये 86 करोड़।
- लोक शिक्षण संचालनालय के अन्तर्गत रुपये 84 करोड़।
- पी. एम. जन मन (समग्र शिक्षा) के अन्तर्गत रुपये 78 करोड़।
- निःशल्क गणवेश प्रदाय के अन्तर्गत रुपये 60 करोड़
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उच्च शिक्षा विभाग के लिए प्रावधान
- कला, विज्ञान तथा वाणिज्य महाविद्यालय के अन्तर्गत रुपये 2414 करोड़ का प्रावधान
- अतिथि विद्वानों को मानदेय के अन्तर्गत रुपये 333 करोड़ का प्रावधान
- शासकीय महाविद्यालयों के भवन निर्माण आदि के अन्तर्गत रुपये 246 करोड़ का प्रावधान
- म.प्र. उच्च शिक्षा में सुधार के अन्तर्गत रुपये 230 करोड़ का प्रावधान
- प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पी. एम. उया) के अन्तर्गत रुपये 189 करोड़ का प्रावधान
- अशासकीय अनुदान प्राप्स महाविद्यालयों को पोषण अनुदान के अन्तर्गत रुपये 141 करोड़ का प्रावधान
- प्रधानमंत्री कॉलेज आफ एक्सीलेन्स योजना (राज्य पोषित) के अन्तर्गत रुपये 126 करोड़ का प्रावधान
- नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जबलपुर को ब्लाक ग्रांट के अन्तर्गत रुपये 113 करोड़ का प्रावधान
- गांव की बेटी योजना के अन्तर्गत रुपये 80 करोड़ का प्रावधान
- छात्रों के लिए पम्तकें स्टेशनरी आदि का प्रदाय के अन्तर्गत रुपये 50 करोड़ का प्रावधान MP Budget for Youth Women Farmers
हेल्थ
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि प्रदेश के किसानों को 1 लाख सोलर पंप दिए जाएंगे।
किसानों को 337 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PM Fasal Bima Yojana) के लिए 1,299 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के लिए 5,501 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
ब्याज मुक्त अल्पकालीन कृषि ऋण के लिए 720 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
3,000 करोड़ रुपये की लागत से 1 लाख सोलर पंप लगाए जाएंगे, जिससे किसानों को सिंचाई में राहत मिलेगी।
किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत किसानों को हर साल कुल 12,000 रुपये मिल रहे हैं।
भावांतर योजना की सफलता के बाद अन्य राज्यों ने भी इस मॉडल में रुचि दिखाई है।
जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 21 लाख 42 हजार हेक्टेयर भूमि पंजीकृत की गई है।
नेशनल मिशन फॉर नेचुरल फार्मिंग (National Mission for Natural Farming) के तहत 1 लाख 89 हजार किसान 75,650 हेक्टेयर में प्राकृतिक खेती करेंगे।
प्रदेश में 28 लाख 42 हजार हेक्टेयर में उद्यानिकी फसलों की खेती हो रही है।
वर्ष 2030 तक 136 लाख मीट्रिक टन फल और 344 लाख मीट्रिक टन सब्जी उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।
उद्यानिकी गतिविधियों के लिए 772 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है।
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना के लिए 200 करोड़ और राष्ट्रीय उद्यानिकी मिशन के लिए 152 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
मछली उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 412 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
कृषि और इससे जुड़े क्षेत्रों के लिए कुल 81,910 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है।
किसानों को कुल 1 लाख 15 हजार करोड़ रुपये के वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
किसानों को बिजली में राहत देने के लिए 20,485 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मध्य प्रदेश दाल उत्पादन में देश में पहले स्थान पर है।
गेहूं और तिलहन उत्पादन में प्रदेश दूसरे स्थान पर है।
देश के कुल सोयाबीन उत्पादन का 35 प्रतिशत हिस्सा मध्य प्रदेश से आता है।
मध्य प्रदेश देश का तीसरा सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक राज्य है।
संतरा, टमाटर, लहसुन और धनिया उत्पादन में प्रदेश पहले स्थान पर है।
सब्जी उत्पादन में मध्य प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है।
व्यापारी-उद्योग
विधानसभा में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा का बजट भाषण, बोले-युवाओं के लिए बजट, इसमें अगले 3 साल की झलक#MPBudget2026#JagdishDevda#YouthEmployment#IndustrialGrowth#MadhyaPradeshNews#ViksitMP@DrMohanYadav51@JagdishDevdaBJPpic.twitter.com/0bHAkBd30e
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- एमएसएमई विकास नीति 2025 लागू
- एमएसएमई औद्योगिक भूमि एवं भवन आवंटन नियम 2025 लागू
- उद्योग संवर्धन नीति 2025 लागू
- निवेश के लिए अनुकूल माहौल हेतु मध्यप्रदेश लॉजिस्टिक नीति 2025
- निर्यात बढ़ाने के लिए मध्यप्रदेश एक्सपोर्ट संवर्धन नीति 2025
- भविष्य की तकनीक पर फोकस के साथ मध्यप्रदेश स्पेसटेक नीति 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन की घोषणा
औद्योगिक पार्क और कॉरिडोर
- प्रदेश में 19,300 एकड़ भूमि पर 48 औद्योगिक पार्क विकसित होंगे
- इनमें 5 आईटी पार्क शामिल
- मंडीदीप में फ्लैटेड इंडस्ट्रीज विकसित होंगी
- इंदौर में प्लग-एंड-प्ले पार्क और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स
- इंदौर–पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर पर ₹2,360 करोड़ की लागत से काम
- इससे उद्योग और निवेश को नई गति मिलेगी
क्षेत्रीय औद्योगिक विकास
- बुंदेलखंड में औद्योगिक विकास के लिए विशेष पैकेज
- सागर के मसवासी ग्रांट औद्योगिक क्षेत्र को प्रोत्साहन
- ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन (TMZ) की स्थापना की पहल
एमएसएमई, स्टार्टअप और महिला उद्यमिता
- प्रदेश में 23 लाख से अधिक सूक्ष्म एवं लघु उद्योग पंजीकृत
- 4.5 लाख विनिर्माण इकाइयों से लगभग 36 लाख लोगों को रोजगार
- मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत 2 साल में
- 16,491 युवाओं को ₹1,134 करोड़ का ऋण
- कुल 6,670 स्टार्टअप्स में से 3,000+ स्टार्टअप महिलाओं द्वारा संचालित
- ‘एक जिला एक उत्पाद’ योजना के तहत
- ग्वालियर का मिंट स्टोन और
- छतरपुर का लकड़ी फर्नीचर को GI टैग
निवेश और औद्योगीकरण के लिए बजट (2026-27)
- कुल बजट प्रावधान: ₹5,957 करोड़
- निवेश प्रोत्साहन योजना: ₹2,550 करोड़
- औद्योगिक अधोसंरचना विकास: ₹490 करोड़
- भू-अर्जन व सर्वे कार्य: ₹327 करोड़
- डेस्टिनेशन एमपी–इन्वेस्टमेंट ड्राइव: ₹200 करोड़
- कामकाजी महिलाओं के छात्रावास: ₹193 करोड़
- एमएसएमई प्रोत्साहन एवं सुविधा योजनाएं: ₹1,550 करोड़
- मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना: ₹130 करोड़
- स्टार्टअप पॉलिसी क्रियान्वयन: ₹96 करोड़
श्रमिक -
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