Bhopal Development Budget 2026: राजधानी में बढ़ेगी विकास की रफ्तार, भोपाल में बनेंगे फ्लाईओवर-एलिवेटेड कॉरिडोर और सड़कों पर दौड़ेंगी ई-बसें

Bhopal Development Budget 2026: आज विधानसभा में मध्य प्रदेश का बजट पेश किया गया, जिसमें एमपी की राजधानी भोपाल को लेकर भी कई बड़े ऐलान किए गए। आइए जानते हैं।

Bhopal capital Development MP Budget 2026

Bhopal Development Budget 2026: आज विधानसभा में मध्य प्रदेश का बजट पेश किया गया, जिसमें एमपी की राजधानी भोपाल को लेकर भी कई बड़े ऐलान किए गए। वित्त मंत्री ने बताया कि प्रदेश में वायु मार्ग से यातायात की सुविधा के विस्तार के कार्य किये जा रहे हैं। रीवा से खजुराहो, इंदौर, चित्रकूट, भोपाल, नई दिल्ली तथा दतिया से भोपाल के मध्य उड़ानों का संचालन प्रारंभ हो चुका है।

भोपाल में किया जा रहा मेट्रो का विस्तार

प्रदेश में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए शहरी यातायात में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। राज्य शासन के विभागों में भी ई-वाहनों के उपयोग को प्राथमिकता दी जा रही है। इन्दौर एवं भोपाल में मेट्रो रेल के परिचालन के प्रारंभ होने के साथ मार्गों के विस्तार का कार्य निरंतर है।

भोपाल तथा इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन डेव्हलपमेंट अथॉरिटी के गठन की अधिसूचना जारी की जा चुकी है। मेट्रोपॉलिटन रीजन में सभी आवश्यक बुनियादी सुविधाओं के साथ निवेश और रोज़गार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। सुव्यवस्थित नगरीय एवं हरित विकास की दृष्टि से इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति-2025 लागू की गई है। बता दें कि भोपाल में मेट्रो के 2 रूट पर काम चल रहा है। ऑरेंज लाइन के फेज-2 का रूट सुभाषनगर से करोंद के बीच है, जबकि ब्लू लाइन भदभदा से रत्नागिरी तक गुजरेगी। इन दोनों रूट के लिए बजट का प्रावधान है।

राजधानी में जल्द चलेंगी इलेक्ट्रिक बस

भोपाल एवं इंदौर में बहुप्रतीक्षित मेट्रो रेल का संचालन प्रारंभ हो चुका है। प्रदूषण मुक्त यातायात के उद्देश्य से पी.एम. ई-बस सेवा अन्तर्गत कुल 972 इलेक्ट्रिक बसों के परिवहन की स्वीकृति दी गई है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, सागर और उज्जैन में 472 ई-बसों का संचालन हो रहा है। हरित विकास को प्रोत्साहित किये जाने हेतु मध्यप्रदेश ई-वाहन नीति-2025 प्रभावशील की गई है।

इस बजट में भोपाल को भी 18 सड़कें मिली हैं। इनमें 8 शहर और 10 ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें शामिल हैं। हालांकि, पिछले बजट में भोपाल को 41 सड़कें मिली थीं। इस हिसाब से अबकी बार आधी सड़कें ही भोपाल को मिली है। सरकार ने भोपाल में जिन 18 सड़कों को मंजूरी दी है। इन पर कुल 143.4 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

भोपाल में बनेंगे सिक्स लेन रोड, फ्लाई ओवर और एलिवेटेड कॉरिडोर

इन्दौर, रीवा एवं सतना के चिकित्सा महाविद्यालयों के उन्नयन के साथ भोपाल, इन्दौर, रीवा, जबलपुर, सागर, ग्वालियर के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में उन्नत चिकित्सा सेवाओं की व्यवस्था की गई है। वर्तमान में प्रदेश में प्रमुख रूप से 111 रेल्वे ओवर ब्रिज, अटेर जैतपुर मार्ग के मध्य चम्बल नदी पर उच्च स्तरीय पुल, भोपाल के संत हिरदाराम नगर में एलिवेटेड कॉरिडोर, ग्वालियर में स्वर्ण रेखा नदी पर एलिवेटेड कॉरिडोर, इंदौर में एलिवेटेड कॉरिडोर, उज्जैन में फोर लेन एलिवेटेड कॉरिडोर तथा महाकाल रोप-वे के निर्माण सम्मिलित हैं।

"लोक निर्माण से लोक कल्याण" की दिशा में प्रदेश निरन्तर आगे बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक 2 हज़ार 190 किलोमीटर सड़क निर्माण तथा उन्नयन, 992 किलोमीटर सड़क नवीनीकरण एवं 30 पुलों तथा रेल्वे ओवर ब्रिज के निर्माण पूर्ण किये गये हैं। इनके अतिरिक्त लगभग 3 हज़ार करोड़ लागत के कार्य जिनमें प्रमुख रूप से सिक्स लेन कोलार रोड, भोपाल में गायत्री मंदिर से गणेश मंदिर तक फ्लाई ओवर तथा दमोह नाका एलिवेटेड कॉरिडोर पूर्ण किये गये हैं।

राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय का परिसर राजीव गांधी प्रौ‌द्योगिकी विश्वविद्यालय, भोपाल में प्रारंभ किया जा चुका है। वर्ष 2025 में अब तक आयोजित 608 रोज़गार मेलों तथा युवा संगम कार्यक्रम के माध्यम से 85 हज़ार युवाओं को ऑफर लेटर प्रदान किये गये हैं। वृद्धजनों को आवास, पौष्टिक भोजन, स्वास्थ्य सुविधायें आदि हेतु भोपाल में सर्वसुविधायुक्त वृद्धाश्रम "संध्या छाया" प्रारंभ किया गया है। समाज के कमजोर वर्गों के लिए संचालित विभिन्न पेंशन योजनाओं के अंतर्गत वर्तमान में 54 लाख से अधिक नागरिकों को लाभान्वित किया जा रहा है।

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