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Tikamgarh Rishwat Case: टीकमगढ़ में 20 हजार की रिश्वत लेते नेत्र सहायक पकड़ाया, रिटायर्ड अधिकारी में मांगी थी घूस

भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की मुहिम के बावजूद मध्य प्रदेश में रिश्वतखोरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। टीकमगढ़ से सामने आए ताजा मामले में लोकायुक्त की टीम ने जिला अस्पताल के अधिकारी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। आरोपी ने रिटायर्ड अधिकारी से रिश्वत मांगी थी।

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Vikram Jain
Tikamgarh Rishwat Case: टीकमगढ़ में 20 हजार की रिश्वत लेते नेत्र सहायक पकड़ाया, रिटायर्ड अधिकारी में मांगी थी घूस

हाइलाइट्स

  • टीकमगढ़ जिला अस्पताल में नेत्र सहायक रिश्वत लेते गिरफ्तार।
  • सागर लोकायुक्त की टीम ने 20 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा।
  • रिटायरमेंट का फंड दिलाने के एवज की मांगी थी रिश्वत।
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Tikamgarh Rishwat Case Lokayukta Action: मध्य प्रदेश में लोकायुक्त की कड़ी कार्रवाई के बाद रिश्वतखोरों में कोई सुधार नहीं है। हर दिन रिश्वत के मामले और आरोपी अधिकारी-कर्मचारी की गिरफ्तारी की खबरें आ रही हैं। इसके बावजूद सरकारी कार्यालयों में रिश्वत और कमीशन का खेल जारी है।

अब टीकमगढ़ से सामने आए मामले ने सभी को हैरान कर दिया है। यहां सागर लोकायुक्त की टीम ने टीकमगढ़ जिला अस्पताल परिसर स्थित आखों के अस्पताल के नेत्र सहायक उमेश जैन को ₹20,000 की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई एक रिटायर्ड स्वास्थ्य पर्यवेक्षक की शिकायत पर की गई। शिकायतकर्ता ने बताया था कि उनकी रिटायरमेंट फंड रिलीज कराने के लिए जैन ने रिश्वत मांगी थी। इस कार्रवाई के बाद जिला अस्पताल में हड़कंप मच गया।

रिटायर्ड पर्यवेक्षक की शिकायत पर कार्रवाई

दरअसल, सागर लोकायुक्त ने यह कार्रवाई रिटायर्ड स्वास्थ्य पर्यवेक्षक रमेश चंद्र नायक की शिकायत के बाद की है। शिकायतकर्ता रमेश चंद्र नायक ने लोकायुक्त में शिकायत करते हुए बताया था कि वे स्वास्थ्य विभाग से 31 अगस्त को सेवानिवृत्त हुए थे,  इसके बाद उनका रिटायरमेंट का फंड अभी तक जारी नहीं किया गया। इस मामले में उन्होंने टीकमगढ़ CMHO डॉ. शोभाराम रोशन से दो बार शिकायत की थी, इसके बाद CMHO ने उन्हें नेत्र सहायक उमेश जैन से मिलने की सलाह दी और कहा कि जैन उनकी समस्या सुलझाएंगे।

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रिटायरमेंट का पैसा दिलाने मांगे थे रुपए

रमेश चंद्र नायक के अनुसार, जब वह उमेश जैन के पास पहुंचे तो उन्होंने रिटायरमेंट का पैसा जल्दी जारी कराने की बात कही और इस काम के एवज में ₹30,000 रिश्वत की डिमांड की। इसके बाद लंबी बातचीत के बाद, यह राशि ₹28,000 तय हुई थी। इसके बाद रिश्वत मांगने के मामले 25 सितंबर को सागर लोकायुक्त में लिखित शिकायत दी गई।

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रिश्वत लेते नेत्र सहायक जैन को दबोचा

रिटायर्ड स्वास्थ्य पर्यवेक्षक रमेश चंद्र नायक की शिकायत के बाद रिश्वतखोर कर्मचारी को पकड़ने के लिए प्लान तैयार किया। सोमवार दोपहर सागर लोकायुक्त की टीम ने जिला अस्पताल में दबिश दी। इसके बाद शिकायतकर्ता नायक पहली किस्त के ₹20,000 लेकर जैन के पास पहुंचे और जैसे ही नेत्र सहायक उमेश जैन को कैश दिया तो लोकायुक्त टीम ने जैन को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। लोकायुक्त टीम ने आरोपी उमेश जैन के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।

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