सावधान! भूलकर भी पीछे के पॉकेट में पर्स रखने की गलती न करें

पॉकेट में पर्स (wallet) रखने का चलन बीते कई सालों से कही अधिक हो गया है। पॉकेट में पर्स (wallet) का सबसे ज्यादा इस्तेमाल युवा वर्ग करता है। पर्स (wallet) में लोग पैसे के अलावा जरूरी कागजात, आधार कार्ड, एटीएम जैसी चीजें रखते है। जिसके चलते पर्स काफी मोटा हो जाता है। लेकिन मोट पर्स (wallet) जींस या पैंट के पीछे के पॉकेट में रखने से काफी दिक्कत महसूस होती है। लेकिन क्या आपको पता है कि पीछे के पॉकेट में पर्स (wallet) रखने से हमे कितना नुकसान होता है।

पीछे पॉकेट में पर्स (wallet) रखने की आदत आगे चलकर शरीर की सेहत के लिए काफी नुकसानदेह साबित हो सकती है। इसे तुरंत बदल लेना चाहिए। इस तरीके से पर्स (wallet) रखकर आप लंबे वक्त तक बैठते हैं तो यह आगे चलकर आपके सेहत के लिए कई समस्याएं खड़ी करता है। जानकारों की माने तो पीछे के पॉकेट में पर्स (wallet) रखने पर कुछ विशेष नसें दब जाती है। जो कई तरह की शरीर समस्याओं को जन्म देती है। बैक पॉकेट में पर्स (wallet) रखने जगह आपको आगे की जेब में रखना चाहिए।

हो सकती है यह गंभीर बीमारी

वॉलेट (wallet) को अपने पीछे के पॉकेट में रखने से पायरी फोर्मिस सिंड्रोम (Piri Formis Syndrome) नामक बीमारी हो सकती है। इस बीमारी में साइटिका की नस दब जाती है। जिसके चलते काफी तेज दर्द होता है। क्योंकि कुछ लोगों की आदत होती है वह पीछे के पॉकेट में पर्स रखकर घंटो बैठे रहते है। लिहाजा पायरी फोर्मिस मसल्स (Piri Formis Syndrome) दब जाती और पैरों में तेज दर्द होने लगता है। दरअसल इस बीमारी में साइटिका नस दब जाती है जिससे काफी तेज दर्द होता है। इसके अलावा बैक पॉकेट में बटुआ या वॉलेट रखने से बॉडी का बैलेंस भी बिगाड़ जाता है। जो इंसान की कमर पर दबाव डालता है। क्योंकि कमर से ही कूल्हे की साइटिका नस गुजरती है जिसके चलते कूल्हे और कमर में दर्द होने लगता है। साथ ही पीछे के पॉकेट में पर्स रखने से कई बार ब्लड सर्कुलेशन रुक जाता है। जिससे नसों में सूजन भी आ सकती है। इसलिए अगर आप ऐसा करते है तो जल्द से अपनी इस आदत को सुधार दे।

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