ये है भारत के सबसे महंगे कथावाचक, जानिए पहले नंबर पर कौन?

ये है भारत के सबसे महंगे कथावाचक, जानिए पहले नंबर पर कौन?

Bageshwar Dham Sarkar : मध्यप्रदेश में इसी साल विधानसभा के चुनाव होने है, चुनावों से पहले नेताओं पर धार्मिक रंग चढ़ता दिखाई देने लगा है। नेता अपनी छवि बनाने के लिए लाखों रूपये खर्च करने लगे है। क्योंकि प्रदेश में बीते 6 महीनों में 500 से अधिक धार्मिक कथाओं का आयोजन हो चुका है। जिनमें से अधिक्तर कथाएं नेताओं द्वारा आयोजित कराई गई है। एवीपी न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार बीते 6 महीनों में हुई ​कथाओं में करीब 13 करोड़ रूपये की राशि खर्च की जा चुकी है।

मध्य प्रदेश में सबसे महंगी कथाएं पंडित प्रदीप मिश्रा और बागेश्वर धाम के धीरेन्द्र शास्त्री की हो रही हैं। दोनों की ​कथाओं का खर्च करीब एक से दो करोड़ रूपये आ रहा है। साल 2021 की तुलना में साल 2022 में 18 फीसदी अधिक कथाएं हुई हैं, यानी चुनावी साल में धार्मिक कथाओं पर जमकर पैसे की बरसात हो रही है।

कहां कितनी कथाएं

आपाके बता दें कि बीते छह महीने में भोपाल संभाग में करीब 500 कथाओं का आयोजन हो चुका है। जिनमें से भोपाल में 20 कथा, अशोक नगर में 100, राजगढ़ में 150, गुना में 70, सीहोर में 80, रायसेन में 50 और विदिशा में 20 कथाओं का आयोजन हो चुका है।

कहां कितना खर्च

रिपोर्ट के अनुसार अशोक नगर में हुई ​कथा पर करीब 30 करोड़ 80 लाख रुपए खर्च हुआ है, तो वहीं राजगढ़ में 3.75 करोड़, गुना में 2.80 करोड़, सीहोर में 2 करोड़, रायसेन में 17 लाख, विदिशा में 34 लाख रुपए खर्च किए गए।

अबतक यह मंत्री करा चुके कथा

मध्यप्रदेश में चुनावी साल में प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री कमल पटेल ने 7 से 13 दिसंबर के बीच श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन करवाया था। मंत्री पटेल ने अपने इस आयोजन में जय किशोरी को भी बुलाया था। आयोजन के आखिरी दिन एक सामूहिक विवाह सम्मेलन का भ्ज्ञी आयोजन किया गया था जिसमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह भी शामिल हुए थे। वही मंत्री गोपाल भार्गव ने भी श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन कराया था, जिसमें उन्होंने देश भर से 34 धर्म गुरुओं को बुलाया गया था। आयोजन में 5 हजार महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली थी। इतना ही नहीं इस आयोजन में उपहार भी दिए गए थे।

इसके अलावा मंत्री भूपेंद्र सिंह ने खुरई में पहली बार भागवत कथा का आयोजन कराया था जो काफी बड़े स्तर पर की गई थी। इस कथा में कमल किशोर नागर को बुलाया था। यह कथा 9 दिसंबर से 15 दिसंबर तक चली थी। इसके बाद अशोकनगर विधायक जजपाल जज्जी, मंत्री जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, पीएचई राज्यमंत्री बृजेंद्र सिंह यादव, काग्रेंस विधायक संजय शुक्ला समेत कई मंत्रियों और विधायकों ने कथा का आयोजन अपने अपने विधानसभा क्षेत्रों में कर चुके है।

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