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MP Weather Update: पश्चिमी 6 संभागों में इस साल ज्‍यादा बारिश, पूर्वी 4 संभाग में कम होगी वर्षा, जानें क्‍या है रिपोर्ट

MP Weather Update: पश्चिमी 6 संभागों में इस साल ज्‍यादा बारिश, पूर्वी 4 संभाग में कम होगी वर्षा, जानें क्‍या है मौसम विभाग की रिपोर्ट

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Sanjeet Kumar
MP Weather Update: पश्चिमी 6 संभागों में इस साल ज्‍यादा बारिश, पूर्वी 4 संभाग में कम होगी वर्षा, जानें क्‍या है रिपोर्ट

   हाइलाइट्स

  • एमपी में औसतन सामान्‍य बारिश 37 इंच है
  • अप्रैल के आखिरी में फिर जारी होगी रिपोर्ट
  • नीनो का भारत में अक्‍सर रहता है असर
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MP Weather Update: एमपी में इस बार जोरदार बारिश होगी। मौसम विभाग के अनुसार जून से सितंबर तक चार महीने 106 फीसदी तक बारिश होने का अनुमान है। यह बारिश सामान्‍य से 6 फीसदी ज्‍यादा बारिश है।

इसको लेकर सोमवार को मानसून (MP Weather Update) को लेकर एक रिपोर्ट जारी की गई है। इसमें मध्‍य प्रदेश के पश्चिमी मध्यप्रदेश के 6 संभाग जिनमें इंदौर, उज्जैन, भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल में 101 से 102 प्रतिशत या इससे ज्‍यादा वर्षा होने का पूर्वानुमान है।

वहीं मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार पूर्वी मप्र के 4 संभाग जिनमें जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल में सामान्य से कम 98 से 99 प्रतिशत बारिश का पूर्वानुमान है।

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   इंदौर, उज्‍जैन संभाग में हुई थी अच्‍छी बारिश

MP Weather Update

भारतीय मौसम (MP Weather Update) विभाग (IMD) ने इस साल की बारिश का का पूर्वानुमान की रिपोर्ट जारी की गई है। जिसमें जून से सितंबर तक चार महीने का पूर्वानुमान जारी किया है।

जिसमें एमपी में लगभग 104 से लेकर 106 प्रतिशत तक बारिश (MP Weather Update) का अनुमान जारी किया है। वहीं अगर पिछले साल की बात करें तो एमपी में 100 प्रतिशत यानी एवरेज 37 इंच से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई थी।

इसमें सबसे ज्‍यादा बारिश उज्‍जैन संभाग और इंदौर समेत आधे मध्‍यप्रदेश में सामान्य से ज्‍यादा बारिश हुई थी।

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   15 जून के बाद मानसून की एंट्री

बता दें कि मध्‍यप्रदेश में 15 जून के बाद मानसून का आगमन हो जाता है। पिछले साल जून के आखिरी पखवाड़े में 24 जून को एमपी में मानसून (MP Weather Update) की एंट्री हुई थी।

मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि मानसून को लेकर रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के अनुसार एमपी में अच्‍छी बारिश (MP Weather Update) का अनुमान है। मानसून को लेकर जो रिपोर्ट जारी की गई है।

इस रिपोर्ट के बाद अप्रैल के ही आखिरी सप्ताह में एक और मानसून (MP Weather Update) की रिपोर्ट आएगी। इसके अलावा मई के आखिरी सप्ताह में भी मौसम विभाग एक रिपोर्ट जारी की जाएगी।

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   बारिश के लिए ये परिस्थितियां बन रही खास

MP Weather Update

मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि भू-मध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र पर अल नीनो की मध्यम (moderate) स्थिति वर्तमान में है।

नए मानसून (MP Weather Update) मिशन क्लाइमेट फोरकास्टिंग सिस्टम (MMCFS) के साथ अन्य जलवायु मॉडल पूर्वानुमान से संकेत मिलता है कि मानसून (MP Weather Update) के शुरुआती भाग के दौरान अल नीनो की स्थिति और कमजोर होकर तटस्थ अल नीनो-साउदर्न ऑशिलेशन (ENSO) स्थितियों में बदलाव होने के संकेत हैं।

इसके बाद मानसून के दूसरे भाग में ला नीना स्थितियां डेवलप होने के संकेत मिल रहे हैं।

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   जानें अल नीनो का क्‍या है प्रभाव

मौसम (MP Weather Update) विभाग के अनुसार अल नीनो एक जलवायु पैटर्न होता है। इस पैटर्न में समुद्र का तापमान 3 से 4 डिग्री बढ़ जाता है। इसका प्रभाव 10 साल में दो बार होता है।

इसका प्रभाव ऐसा रहता है कि जहां ज्‍यादा बारिश (MP Weather Update) होती है वहां कम बारिश होती है। जबकि जहां कम बारिश होती है उन इलाकों में ज्‍यादा वर्षा (MP Weather Update) रिकॉर्ड की जाती है।

इसी का असर होता है कि भारत में अल नीनो के कारण मानसून अक्सर कमजोर रहता है। इससे सूखे की स्थिति भी निर्मित होती है।

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   इस बार भी अच्‍छी बारिश तो यह छटवां साल होगा

MP Weather Update

बता दें कि मौसम (MP Weather Update) विभाग के द्वारा जारी की गई रिपोर्ट अनुसार इस बार भी अच्‍छी बारिश होती है तो यह लगातार छटवां साल होगा जब सामानय से अधिक वर्षा होगी।

2019 में सबसे ज्यादा 53 इंच बारिश हुई थी। इसके बाद से ही प्रदेश में सामान्य या इससे अधिक बारिश (MP Weather Update) हो रही है। वहीं मप्र में सामान्य वर्षा 37.3 इंच है।

मानसूनी सीजन में (जून से सितंबर के बीच) इतनी बारिश (MP Weather Update) होती है। पिछले साल प्रदेश में एवरेज 37.22 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई जो कि जो सामान्य वर्षा के बराबर थी।

   पिछले साल इन जिलों में सबसे ज्‍यादा बारिश

बता दें कि उज्जैन, अलीराजपुर, बड़वानी, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, बैतूल, भिंड, बुरहानपुर, अनूपपुर, छिंदवाड़ा, डिंडोरी, देवास, धार, हरदा, कटनी, नरसिंहपुर, निवाड़ी, सिवनी, टीकमगढ़ जिले में सबसे ज्‍यादा बारिश रिकॉर्ड की गई थी।

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   प्रदेश के इन जिलों में सबसे कम हुई वर्षा

बता दें कि पिछले साल छतरपुर, दमोह, मंडला, पन्ना, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, बालाघाट, रीवा, सागर, सतना, आगर-मालवा, अशोकनगर, दतिया, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, गुना, मंदसौर, मुरैना, सीहोर, शाजापुर, शिवपुरी,  नर्मदापुरम, नीमच, राजगढ़ में कम बारिश रिकॉर्ड की गई थी।

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