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कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के आंसुओं से मप्र की सियासत गरमाई, कमलनाथ समेत विजयवर्गीय ने भी उठाए सवाल

The politics of MP heats up due to the tears of narrator Pandit Pradeep Mishra, Vijayvargiya including Kamal Nath also raised questions कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के आंसुओं से मप्र की सियासत गरमाई, कमलनाथ समेत विजयवर्गीय ने भी उठाए सवाल

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Bansal News
कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के आंसुओं से मप्र की सियासत गरमाई, कमलनाथ समेत विजयवर्गीय ने भी उठाए सवाल

भोपाल। सीहोर में पं. प्रदीप मिश्रा की सात दिवसीय शिव महापुराण और रुद्राक्ष महोत्सव को प्रशासन ने रोक दिया। जिसके बाद से ​प्रदेश की सियासत गरमाने लगी है। एक तरफ कमलनाथ और कांग्रेस तो सरकार को आड़े हाथों ले ही रहे हैं तो दूसरी तरफ भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने भी खुद शिवराज सरकार पर सवाल उठा दिए हैं। इस सबके लिए विजयवर्गीय ने जिला प्रशासन को जिम्मेदार भी ठहराया है। वहीं गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा सरकार का बचाव करते हुए दिखाई दिए। मिश्रा ने कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा से वीडियो कॉल पर बात करके हालचाल जाना।

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यह घटना शर्मनाक— कमलनाथ

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने इस पूरी घटना को प्रदेश के लिए शर्मनाक बताया है। उन्होंने कहा कि 'ऐसा कभी नहीं हुआ कि प्रशासन की असफलता की वजह से धार्मिक आयोजन को स्थगित करना पड़ा हो। महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर शिव महापुराण व रुद्राक्ष महोत्सव को दबाव डालकर पहले दिन ही स्थगित करा दिया गया। कथावाचक को व्यासपीठ से श्रद्धालुओं को महोत्सव के स्थगित होने की सूचना देनी पड़ी। इससे शर्मनाक प्रदेश के लिए कुछ और नहीं हो सकता है।'

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नरोत्तम मिश्रा ने पं. मिश्रा से की बात

प्रदेश के गृह मंत्री डॉ.नरोत्तम मिश्रा ने इस पूरी घटना के बाद कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा से वीडियो कॉल पर बात की। इस दौरान उन्होंने कथावाचक से यह भी पूछा कि कहीं कोई परेशानी तो नहीं है। वहीं डॉ. मिश्रा ने पंडित प्रदीप मिश्रा से कहा कि सरकार आपके आशीर्वाद से ही है।

विजयवर्गीय ने फोड़ा लैटर बम

पूरे मामले पर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय भी मैदान में आ गए, उन्होंने प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान को एक पत्र लिखा। पत्र के द्वारा विजयवर्गीय ने सीएम शिवराज से कहा कि '17 साल से आप इस प्रदेश के मुखिया हैं। आखिर ऐसी कौन सी विपदा आ गई थी कि पंडित प्रदीप मिश्रा पर इतना दबाव बनाया गया कि उन्हें भारी मन से कथा को समाप्त करना पड़ा?' वहीं विजयवर्गीय ने शिवराज की छवि का हवाला भी दिया। उन्होंने आगे लिखा- 'शिवराज जी, सीहोर के अकर्मण्य प्रशासन के कारण आपकी छवि पर भी असर पड़ रहा है। सीहोर प्रशासन को पंडित मिश्रा से न सिर्फ माफी मांगनी चाहिए बल्कि कथा पुन: प्रारंभ कराना चाहिए। मेरी दृष्टि में शिवराज के राज में प्रशासन की गलती की सजा शिवभक्त क्यों भुगतें। विश्वास है कि ऐसे प्रशासनिक अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।'

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