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ऋषिकेश। कोरोना महामारी अब बेचैनी बढ़ा रहा है। आए दिन हम किसी ना किसी को खो रहे हैं। क्या आम क्या खास हर कोई संक्रमण की चपेट में आ रहा है। इसी कड़ी जाने माने पर्यावरणविद और चिपको आंदोलन से पहचान बनाने वाले सुंदरलाल बहुगुणा का आज शुक्रवार को कोरोना से निधन हो गया है। उन्होंने ऋषिकेश स्थित एम्स में अंतिम सांस ली। कोरोना समेत अन्य बीमारियों से ग्रसित होने के कारण उन्हें 8 मई को एम्स में भर्ती कराया गया था। गुरुवार शाम तक बहुगुणा की हालत स्थिर थी। डायबिटीज के साथ वह कोविड निमोनिया से पीड़ित थे। 94 वर्षीय बहुगुणा को कोरोना होने पर 8 मई को एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया था।
Chipko movement leader Sundarlal Bahuguna died of COVID19 at AIIMS, Rishikesh today, says AIIMS Rishikesh Administration
(File photo) pic.twitter.com/6QQGf0vYm5— ANI (@ANI) May 21, 2021
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने ट्वीट किया, 'चिपको आंदोलन के प्रणेता, विश्व में वृक्षमित्र के नाम से प्रसिद्ध महान पर्यावरणविद् पद्म विभूषण श्री सुंदरलाल बहुगुणा जी के निधन का अत्यंत पीड़ादायक समाचार मिला है। यह खबर सुनकर मन बेहद व्यथित है। यह सिर्फ उत्तराखंड के लिए नहीं, बल्कि संपूर्ण देश के लिए अपूरणीय क्षति है। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में दिए गए महत्वपूर्ण योगदान के लिए उन्हें 1986 में जमनालाल बजाज पुरस्कार और 2009 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था।
चिपको आंदोलन के प्रणेता, विश्व में वृक्षमित्र के नाम से प्रसिद्ध महान पर्यावरणविद् पद्म विभूषण श्री सुंदरलाल बहुगुणा जी के निधन का अत्यंत पीड़ादायक समाचार मिला। यह खबर सुनकर मन बेहद व्यथित हैं। यह सिर्फ उत्तराखंड के लिए नहीं बल्कि संपूर्ण देश के लिए अपूरणीय क्षति है। pic.twitter.com/j85HWCs80k
— Tirath Singh Rawat (मोदी का परिवार) (@TIRATHSRAWAT) May 21, 2021
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