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Dhar Bhojshala मामले पर Supreme Court ने कहा Survey के नाम पर परिसर के मूल स्वरूप से न हो छेड़छाड़

Dhar Bhojshala: मामले में Supreme Court ने मुस्लिम पक्ष को राहत नहीं दी. कोर्ट ने सर्वे रोकने की याचिका खारिज कर दी है.

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Rohit Sahu
Dhar Bhojshala मामले पर Supreme Court ने कहा Survey के नाम पर परिसर के मूल स्वरूप से न हो छेड़छाड़
हाइलाइट्स
  • Supreme Court ने मुस्लिम पक्ष को नहीं दी राहत
  • ASI सर्वे को लेकर फैसला लेने से पहली SC को बताए
  • सुप्रीम कोर्ट ने कहा परिसर मूल स्वरूप से न हो छेड़छाड़
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Dhar Bhojshala मामले Supreme Court ने मुस्लिम पक्ष को राहत नहीं दी. कोर्ट ने सर्वे रोकने की याचिका खारिज कर दी है.

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा है कि एएसआई सर्वे के नतीजे के आधार पर उसकी अनुमति के बिना कोई फैसला न लिया जाए.

वहीं परिसर में सर्वे के नाम पर भौतिक खुदाई से परिसर के मूल  स्वरूप से छेड़छाड़ न हो.

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   हिंदू और मुस्लिम पक्ष दोनों करते हैं दावा

धार भोजशाला (Dhar Bhojshala) परिसर पर हिंदू पक्ष भी अपना दावा करता है. हिंदू पक्ष का कहना है कि यहां वाग्देवी का मंदिर मानते हैं. वहीं मुस्लिम समुदाय के लोग इसे कमाल मौला मस्जिद मानते हैं.

11वीं सदी के इस परिसर को पुरातत्व धरोहर माना जाता है. लेकिन दो पक्षों के विवाद के बाद 7 अप्रैल 2003 को एक व्यवस्था बनाई गई.

जिसके अनुसार यहां हर मंगलवार को हिंदू पूजा करते हैं. वहीं शुक्रवार को मुस्लिम यहां नमाज पढ़ते हैं.

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   मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में लगाई थी अर्जी

मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसाइटी ने एमपी हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका लगाई थी. दरअसल एमपी हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने 11 मार्च को ASI को साइंटिफिक सर्वे का आदेश दिया था.

इसी के खिलाफ मुस्लिम पक्ष की याचिका को अब सुप्रीम कोर्ट ने खारिज करते हुए सर्वे (ASI Survey Dhar) रोकने से इनकार किया है. हालांकि कोर्ट ने सर्वे के दौरान परिसर (Dhar Bhojshala) के वास्तविक स्वरूप से छेड़छाड़ करने से इनकार किया है.

   ASI को कोर्ट ने दिया नोटिस

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस ऋषिकेश रॉय और पीके मिश्रा की बेंच ने केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार, एएसआई (ASI) और को नोटिस जारी किया है.

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जिसमें कहा गया है कि सर्वेक्षण के नतीजे के आधार पर सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बिना कोई फैसला न लिया जाए.

साथ ही यह भी ध्यान रखा जाए कि विवादित परिसर में ऐसी कोई भौतिक खुदाई न हो जिससे उस परिसर का वास्तविक स्वरूप बदलता हो.

यह भी पढ़ें: Dhar की  Bhojshala में ASI Survey का छठा दिन आज, इन बिंदुओं पर किया जाएगा सर्वे

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   एमपी हाईकोर्ट में 29 अप्रैल को सुनवाई

एमपी कोर्ट में इस मामले पर अगली सुनवाई 29 अप्रैल को होगी. हाईकोर्ट ने ASI को 29 अप्रैल से पहले सर्वे की रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा था.

अब हाईकोर्ट के फैसला सुनाने से पहले इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट को अवगत कराना जरूरी होगा.

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