Advertisment

Jungle in India: कोई नहीं छीन पाएगा जंगली जानवरों का घर, अब जंगल जैसा दिखने वाला हर एरिया फॉरेस्ट होगा घोषित

Jungle in India: टीएन गोदावर्मन थिरुमुलपाद रिपोर्ट के अनुसार अब जंगल जैसा दिखने वाला हर एरिया जंगल ही माना जाएगा।

author-image
Rahul Sharma
Jungle in India: कोई नहीं छीन पाएगा जंगली जानवरों का घर, अब जंगल जैसा दिखने वाला हर एरिया फॉरेस्ट होगा घोषित

Jungle in India: देश में बढ़ते औद्योगिकी और शहरीकरण से जंगल खत्म होते जा रहे हैं। ऐसे में जंगल में रह रहे जानवरों के लिए सुरक्षित आवास एक बड़ी चुनौती है।

Advertisment

हालांकि हाल ही में जारी हुए सुप्रीम कोर्ट के आदेश से इस चुनौती का कई हद तक समाधान हो जाता है।

अब जंगल (Jungle in India) जैसा दिखने वाला हर एरिया फॉरेस्ट घोषित होगा।

Jungle-in-India-01

इससे वन्यजीवों के संरक्षण में काफी मदद मिलेगी और जंगली जानवरों का घर उनसे कोई नहीं छीन पाएगा।

वर्ल्ड वाइल्ड लाइफ डे विशेष में आज हम आपको बताएंगे कि सुप्रीम कोर्ट का क्या निर्देश है और यह इतना जरूरी क्यों है।

Advertisment

   नया नहीं है आदेश

Jungle-in-India-02

टीएन गोदावर्मन थिरुमुलपाद मामले में 1996 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले में कहा गया था कि जंगल (Jungle in India) जैसा दिखने वाला हर एरिया जंगल ही माना जाएगा। हालांकि इस आदेश पर कोई अमल नहीं हो सका।

   यह है पूरा मामला

Jungle-in-India-03

करीब आठ माह पहले केंद्र ने नियम में संशोधन कर जंगल के सर्वव्यापी शब्दकोश अर्थ को हटा दिया जिसमें जंगल (Jungle in India) दिखने जैसे हर क्षेत्र को जंगल मानने का नियम था।

पर्यावरणविद और वाइल्ड लाइफ से जुड़े लोगों ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।

Advertisment

   सुप्रीम कोर्ट ने अब क्या दिए निर्देश

Jungle-in-India-supreme-court-scaled

25 फरवरी 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया कि वह जंगल (Jungle in India) के सर्वव्यापी "शब्दकोश अर्थ" का पालन करना जारी रखे। मतलब जंगल जैसे दिखने वाले हर क्षेत्र को चाहे वह सरकारी हो या प्राइवेट, उसे जंगल ही माना जाए।

   अप्रैल तक सार्वजनिक करने होंगे रिकॉर्ड

Jungle-in-India-04

सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया है कि वह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वन (Jungle in India) मानी जाने वाली भूमि का एक रिकॉर्ड बनाए और अप्रैल तक उस रिकॉर्ड को सार्वजनिक भी करे।

संबंधित खबर: Highest Leopards in MP: चार साल में इतने बढ़ गए लेपर्ड, प्रदेश का टाइगर स्टेट के साथ तेंदुआ स्टेट भी दर्जा बरकरार

Advertisment

   वाइल्ड लाइफ को यह मिलेगा फायदा

Jungle-in-India-05

जंगलों में इंसानी दखल को कम से कम करने के लिए यहां कई सारी पाबंदियां रहती है। यहां निर्माण और टूरिज्म संबंधी गतिविधियों के संचालन के लिए अनुमति मिलना आसान नहीं होता।

ऐसे में यदि जंगलों (Jungle in India) की संख्या बढ़ती है तो जानवरों को सुरक्षित आवास मिल सकेगा, जो वाइल्ड लाइफ के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा।

संबंधित खबर: Wild Life in MP: वाइल्ड लाइफ की जन्नत में आपका स्वागत; टाइगर-लेपर्ड और चीता ही नहीं ये भी है मध्य प्रदेश की पहचान

Advertisment

   भोपाल से सीख लेने की जरूरत

Jungle-in-India-06

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल इसका बड़ा उदाहरण हो सकता है। यहां अक्सर शहर में टाइगर का मूवमेंट देखा गया है। दरअसल शहर जंगल में घुस चुका है।

ऐसे में भोपाल शहर में टाइगर देखा गया है कहने से कहीं ज्यादा ये सही होगा कि जंगल में शहर देखने को मिल रहा है। क्योंकि टाइगर तो अब भी अपने घर में ही है।

बस हम उसके घर में जबरन घुस बैठे हैं। भले ही यहां टाइगर इंसान के बीच मुठभेड़ नहीं हुई हो, लेकिन कभी नहीं होगी ऐसा पुख्ता तौर पर कहा भी नहीं जा सका।

Advertisment
world wildlife day 2024 world wildlife day vanyajeev diwas 2024 supreme court jungle paribhasha jungle new definition jungle in india bharat mein vanyajeev
Advertisment
चैनल से जुड़ें