जनजाति और वनांचल क्षेत्रों में आवागमन सुविधा बढ़ाने विशेष जोर, आने-जाने की बढ़ेगी सुविधा

रायपुर: छत्तीसगढ़ शासन द्वारा अनुसूचित जनजाति और वनांचलों क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जनजाति इलाकों में मूलभूत अधोसंरचना के विकास के लिए लगातार कार्य जारी है। बस्तर जिले के बस्तर विकासखंड के पाथरी गोंदियापाल के ग्रामीणों ने कपारी नाला में पुलिया और एप्रोच रोड़ बनाने की मांग प्रशासन के समक्ष रखी। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें कपारी नाला में पुलिया नहीं होने के कारण 10 किलोमीटर का लम्बा रास्ता तय कर दैनिक उपयोग की सामानों का खरीदी-बिक्री हाट बाजार से कर पाते थे साथ ही नाले में पुलिया नहीं होने के कारण दुर्घटना की आशंका हमेशा बनी रहती थी। अब वनांचलों में सड़कों, पुल-पुलियों के बन जाने से लोगों को हाट बाजार और रोजी-रोजगार के कार्यों के लिए आने-जाने की सुविधा हो गई है।

प्रशासन द्वारा छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण, भिरलिंगा को बस्तर ब्लाक के पाथरी गोंदियापाल, बांसपानी चेराकुर मार्ग में कपारी नाला में 18 मीटर स्पान पुलियॉ एवं 1.40 किमी. सड़क निर्माण करने का निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिया गया था। छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण द्वारा विशेष केन्द्रीय सहायता मद की एक करोड़ 20 लाख रूपए की राषि से उक्त पुलिया और एप्रोच रोड़ का निर्माण कराया गया है।

वर्तमान में पाथरी गोंदियापाल, बांसपानी चेराकुर मार्ग में कपारी नाला में पुलियॉ एवं सड़क निर्माण कार्य कराये जाने से ग्राम वासियों को अस्पताल, स्कूल, हाट-बाजार, ऑगनबाड़ी, उचित मूल्य की दुकान इत्यादि से संबंधित मूलभूत सुविधॉए उपलब्ध हो रही है। पुल एवं सड़क का निर्माण होने से ग्रामीणों को 10 किलोमीटर की जगह 1.50 किमी. दुरी तय करके अपने दैनिक उपयोग हेतु हाट-बाजार, खाद्य सामग्री आसानी से कम समय में उपलब्ध हो जाती है एवं आवागन की सुविधा भी सुलभ हो गई है।

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