हाइलाइट्स
- कम निवेश में शुरू होने वाले छोटे व्यवसाय से करोड़ो कैसे कमाएं
- सरकार द्वारा MSME और National Livestock Mission के तहत सब्सिडी और लोन की सुविधा
- अचार, मुरब्बा, मुर्गी पालन और हस्तशिल्प जैसे बिजनेस का बढ़ता क्रेज
National Small Industry Day: भारत में लघु उद्योग (Small Businesses) आज तेजी से पढ़ रहा है। आज के दौर में कोई भी थोड़ी सी पूंजी के साथ चाहे तो इसकी शुरूआत कर सकता है। लेकिन जब भी कोई लघु उद्योग का सपना देखता है तो उसे समझ नहीं आता कि किस चीज का बिजनेस करना सही और प्रोफिटेबल होगा। ऐसे में आज हम आपकी परेशानी को आसान कर देते हैं।
आज लगभग 6.3 करोड़ लघु उद्योग (Small Scale Units) देशभर में चल रहे हैं, जो लगभग 11 करोड़ लोगों को सीधा रोजगार देते हैं। इन उद्योगों की शुरुआत 1950 के दशक में हुई थी और तब से यह क्षेत्र लगातार बढ़ रहा है। सालाना लगभग 38 लाख करोड़ रुपए की कमाई होने के साथ साथ ये उद्योग लोगों को आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार देने का एक सशक्त माध्यम भी बन रहे हैं।
छोटे निवेश में शुरू होने वाले ये बिजनेस न सिर्फ आर्थिक लाभ देते हैं, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ाते हैं। तो आइए जानते हैं कुछ ऐसे आसान और प्रोफिटेबल छोटे व्यवसाय, जिन्हें अपनाकर आप भी अपने जीवन को नई दिशा दे सकते हैं।
अचार और मुरब्बा
अचार (Pickle) और मुरब्बा (Murabba) बनाने का व्यवसाय छोटे निवेश में शुरू किया जा सकता है। लगभग 10,000 रुपए की शुरुआत में यह व्यवसाय शुरू किया जा सकता है और मेहनत व सही मार्केटिंग से लाखों रुपए तक कमाई की संभावना होती है।
यह बिजनेस सूक्ष्म उद्योग (Micro Industry) के अंतर्गत आता है और सरकार नए उद्यमियों (Entrepreneurs) को 25% तक सब्सिडी देती है। ताजे फलों और मसालों से बनने वाले उत्पाद सीधे किसानों से लिए जा सकते हैं, जिससे किसानों की आमदनी भी बढ़ती है।
आज के डिजिटल युग में, डिजिटल मार्केटिंग (Digital Marketing) का उपयोग कर आप अपने अचार मुरब्बा को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जैसे Amazon, Flipkart या सोशल मीडिया के जरिए बेच सकते हैं। इससे ग्राहक वर्ग बढ़ता है और व्यवसाय तेजी से फैलता है।
आज भागदौड़ भरी जिंदगी में हर कोई चीजों को आसानी से पाना चाहता है। ऐसे में, गर्मियों में कच्चे आम का इंतजार कर तमाम जतन से अचार बनाने जैसी बात अब दूर की कौड़ी लगती है। हर कोई अच्छा अचार खाने की ख्वाहिश रखता है, ऐसे में यह बिजनेस आपको बहुत मुनाफा कमा के दे सकता है।
फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री
खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing Industry) मानव जीवन की मूलभूत जरूरतों से जुड़ा हुआ व्यवसाय है। इसमें अनाज, मसाले, जूस, मिठाई, अचार और मुरब्बा जैसे उत्पाद तैयार किए जाते हैं। यह उद्योग न सिर्फ रोजगार देता है, बल्कि किसानों की आमदनी बढ़ाने में भी सहायक है।
छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में यह व्यवसाय तेजी से फैल रहा है, क्योंकि ताजे फल और सब्जियां आसानी से उपलब्ध होती हैं। उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद ग्राहकों के बीच विश्वसनीयता (Credibility) बनाते हैं और लंबे समय तक व्यापार को प्रोफिटेबल बनाए रखते हैं।
मुर्गी पालन
मुर्गी पालन (Poultry Farming) भी कम निवेश में शुरू होने वाला व्यवसाय है। इसमें मांस और अंडे दोनों का बाजार मौजूद है। सरकार इस क्षेत्र में 50% या उससे अधिक की सब्सिडी देती है, जिससे छोटे उद्यमियों (Entrepreneurs) और किसानों को बहुत मदद मिलती है।
कुछ महीनों में ही इस व्यवसाय में अच्छी कमाई की संभावना होती है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह व्यवसाय रोजगार का भी अच्छा साधन है और स्थानीय बाजार में लगातार मांग रहती है। बता दें, दुनिया में चिकन की खपत दूसरे नंबर पर है।
दोना पत्तल मेकिंग मशीन
दोना पत्तल (Leaf Plate) बनाने का व्यवसाय भी बढ़ती मांग वाला क्षेत्र है। छोटे कार्यक्रमों, त्योहारों और रोजमर्रा के जरूरी इस्तेमाल के लिए यह उत्पाद आवश्यक है। खासकर गांव और छोटे शहरों में इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है।
यह व्यवसाय शुरू करने के लिए जिला खादी ग्राम उद्योग विभाग (District Khadi Gram Industry Department) से निशुल्क मशीन भी प्राप्त की जा सकती है। इससे लगभग 40,000 से 50,000 रुपए मासिक आय की संभावना बनती है। जो बड़े मार्केट डिमांड पर सालाना करोड़ों तक भी पहुंच सकती है।
न्यूट्रिशन इंडस्ट्री
पोषाहार उद्योग (Nutrition Industry) भी तेजी से बढ़ता व्यवसाय है। इसमें आटा, दलिया, राइस, पंजीरी जैसे खाद्य सामग्री का बनाया जता है। यह उद्योग बाल विकास विभाग (Child Development Department) से जुड़ा होता है और सरकारी सहायता (Government Assistance) भी मिलती है।
इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर काम करने से लाखों रुपए की कमाई संभव है। साथ ही, यह समाज के कमजोर वर्गों को पोषण और रोजगार दोनों उपलब्ध कराता है।
हैंडीक्राफ्ट बिजनेस
भारत का हस्तशिल्प (Handicrafts) उद्योग पूरी दुनिया में मशहूर है। लकड़ी, पीतल, कपड़ा, जूट और चमड़े से बने उत्पाद जैसे बैग, जूते, आभूषण और सजावटी सामान घर और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचे जा सकते हैं। यह उद्योग ग्रामीण और महिला उद्यमियों के लिए रोजगार का अच्छा साधन है। इसमें निवेश कम होता है, लेकिन मेहनत और क्रिएटिविटी (Creativity) जरूरी होती है।
हैंडीक्राफ्ट के जरिए एस्थेटिक चीजों को भी मैन्युफैक्चर किया जाता है, जिनकी डिमांड हमेशा बनी ही रहती है।
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