Shivraj Singh on NRC Rule: मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने हाल ही में झारखंड में बड़ा ऐलान किया है। शिवराज सिंह चौहान ने झारखंड में NRC लागू करने की बात कह दी है।
बता दें झारखंड में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में शिवराज सिंह चौहान ने विधानसभा चुनाव में बीजेपी के संकल्प पत्र जल्द आने की बात कही है। जिसमें झारखंड राज्य के अंदर NRC लागू किया जाएग।
साल 2019 में में भारतीय नागरिकों की रजस्ट्री के लिए NRC लागू (Jharkhand NRC News) किया गया था। जिसके बाद अब केंद्रीय ग्रामीण कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चुनावों से पहले एक बड़ा दाव खेला है।
एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर) का नियम भारत में नागरिकता (Jharkhand NRC News) की पहचान और सत्यापन से जुड़ा हुआ है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश में रह रहे लोग कानूनी रूप से नागरिक हैं और अवैध प्रवासियों की पहचान की जा सके।
एनआरसी का मुख्य रूप से असम में कार्यान्वयन हुआ है, जहां इसे 1951 के बाद पहली बार 2019 में अपडेट किया गया था। एनआरसी के तहत नागरिकों को अपनी भारतीय नागरिकता साबित करने के लिए दस्तावेज़ों का प्रमाण (Shivraj Singh on NRC Rule) देना होता है, जिसमें जन्म प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, माता-पिता की नागरिकता से जुड़े दस्तावेज़ आदि शामिल हैं।
यह प्रक्रिया उन लोगों की पहचान करने के लिए है जो भारत में 24 मार्च 1971 से पहले से निवास कर रहे हैं। हालांकि, इसे लेकर राजनीतिक और सामाजिक विवाद भी हुए हैं, क्योंकि कई लोग मानते हैं कि इससे कानूनी नागरिक भी छूट सकते हैं और उन पर नागरिकता खोने का खतरा हो सकता है।
सत्ता के लिए नहीं है चुनाव- मंत्री शिवराज
शिवराज सिंह चौहान ने झारखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कहा, “यह चुनाव सिर्फ मुख्यमंत्री बनाने या किसी पार्टी की सत्ता के लिए नहीं है, बल्कि झारखंड को बचाने का चुनाव है। हम ‘बेटी, माटी और रोटी’ की रक्षा के लिए संकल्पबद्ध हैं।
बांग्लादेशी घुसपैठियों के कारण झारखंड की डेमोग्राफी तेजी से बदल रही है। संथाल परगना में कभी आदिवासी आबादी 44% थी, आज घटकर 28% हो गई है। वोट बैंक के लालच में हेमंत सोरेन की गठबंधन सरकार घुसपैठियों को संरक्षण दे रही है।
बांग्लादेशी घुसपैठियों के कारण झारखंड की (Shivraj Singh on NRC Rule) जनसांख्यिकी (डेमोग्राफी) तेजी से बदल रही है, खासकर संथाल परगना में, जहां आदिवासी आबादी 44% से घटकर अब 28% रह गई है।
इसलिए, हमने झारखंड में एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर) लागू करने का निर्णय लिया है, ताकि अवैध घुसपैठियों की पहचान की जा सके और राज्य की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।”
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