Serial Killers Mohan Kumar : 20 युवतियों से प्यार, फिर सेक्स और आखिरी में गर्भनिरोधक के नाम पर जहर

Serial Killers Mohan Kumar: पहले 25 से 30 साल की ऐसी युवतियों की तलाश जिनकी शादी नहीं हुई हों, कुवांरी हो। उनसे पहले दोस्ती, फिर शादी का भरोसा इसके बाद किसी लॉज में ले जाकर उनके साथ शारीरिक संबंध और बाद में गर्मनिरोधक गोली के नाम पर ऐसी दवा देता है कि युवती तड़प तड़प कर दम तोड़ देती है। जी हां हम बात कर रहे है लव, सेक्स और मौत… यह कहानी है उस हवस के शिकारी की जिसने एक नहीं, दो नहीं बल्कि पूरी की पूरी 20 युवतियों को पहले अपनी हवस का शिकार बनाया और गर्भनिरोधक गोली के नाम पर सायनाइट देकर जान से मार देता था। वो हवस का पूजारी एक के बाद एक युवतियों को अपना शिकार बनाता रहा, युवतियों की लाशें मिलती रहीं। लेकिन समझ नहीं आ रहा था कि आखिर कौन दे रहा है इन वारदातों को अंजाम, आखिर कौन है इन हत्याओं का मास्टरमाइंड…

शहर के महिला टॉयलेट में लाश

बात साल 2003 कर्नाटक की है। कर्नाटक के एक शहर के महिला टॉयलेट में लोगों का हूजूम लगा था। लोग चिल्ला रहे थे की अंदर कौन है। टॉयलेट के अंदर से कोई आवाज भी नहीं आ रही थी, टॉयलेट का गेट अंदर से बंद था। जब पुलिस को सूचना मिली तो पुलिस ने टॉयलेट का गेट तोड़ा तो पुलिस के रैंगटे खड़े हो गए। टॉयलेट के अंदर एक महिला की लाश पड़ी हुई थी। महिला की उम्र 30 साल के करीब लग रही थी। महिला को देखकर ऐसा लग रहा था जैसे महिला किसी शादी में जाने की तैयारी में थी। लेकिन महिला के शरीर पर गहने नहीं थे। पुलिस ने मामले की जांच की लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही थी की कुछ महीने बाद उसी शहर के एक और टॉयलेट में एक और महिला की लाश ने सनसनी फैला दी। मामला एक दम पहले की बारदात से मेल खा रहा था। लेकिन पुलिस के हाथ खाली थे। साल बीता लेकिन टॉयलेट से महिलाओं की लाशें मिलने का सिलसिला जारी रहा। हालांकि 2009 तक लाशों की पुष्ठि हो चुकी थी। लेकिन हत्यारा कौन था यह पुलिस के लिए मुसिबत बन गया था लेकिन पुलिस ने एक के बाद एक घटनाओं की कड़ियां जोड़ी, जांच पड़ताल की। सभी महिलाओं की उम्र 25 से 30 के बीच थी। सभी महिलाओं ने अच्छे किस्म की साड़ियां पहनी हुई थी। लेकिन गहने नहीं थे। खैर पुलिस ने अपनी तफ्तीश आगे बढ़ाई।

सीरियल किलर की शुरू हुई कहानी

बात 16 जून 2009 की बात है। बंटवाल इलाके में एक 22 साल की युवती के लापता होने की जानकारी पुलिस को लगी। मामले को लेकर दो समुदाय में टकराव हो गया। मामले को लोग लव जिहाद तक ले आए और पुलिस स्टेशन को घेर लिया। जैसे तैसे पुलिस ने लोगों को शांत किया और फिर शुरू हुआ सीरियल किलर को पकड़ने का अभियान। पुलिस ने पहले तो युवती के फोन की जांच की इसी बीच एक और 19 साल की युवती के लापता होने की जानकारी सामने आई। पुलिस दोनों की जांच कर ही रही थी की एक युवती की लाश पाई गई। जब पुलिस ने मामले की जांच गहराई से की तो सबका कनेक्शन मंगलौर गांव से निकला। क्योंकि सभी युवतियों ने उसी गांव में फोन किया था।

फिर बजी फोन की घंटी…

पुलिस के हाथ कोई सुराग लगता कि पुलिस महकमे में फोन की घंटी कोहराम मचा देती दरअसल एक लापता युवती का फोन पुलिस के कब्जे में था। युवती के फोन पर घंटी बज उठती है, पुलिस फोन उठाती और सामने से हैलो की आवाज आती है। पता चला की फोन करने वाला युवती का चाचा है। इसके बाद चाचा को गिरफ्तार किया गया। जब पुलिस ने चाचा से कड़ी पूछताछ की तो एक के बाद एक कई राज खुलते गए।

सीरियल किलर ने बताई पूरी कहानी

पुलिस ने जब सीरियल किलर आनंद (Serial Killers Mohan Kumar) से कड़ी से पूछताछ की तो उसने पुलिस को बताया कि वह ऐसी युवतियों को अपने प्यार के जाल में फंसाता था, जिनकी शादी न हुई हो। युवती को झांसे में लेने के लिए आनंद (Serial Killers Mohan Kumar) उसके साथ जीने मरने के वादे करता। लेकिन जब शादी की बात आती तो आनंद युवती से भागकर शादी करने की बात कहता। जब युवती उसकी बात मान जाती तो आनंद उससे गहने और अच्छी साड़ी लेकर भागने को कहता ताकि दुल्हन बनकर उसके साथ शादी हो सके। आनंद महिला को झांसे में लेने के लिए कई कहानी बनाता लेकिन महिला को यह तक भनकी नहीं लगती थी की उसके साथ क्या होने वाला है।

सस्ते होटल में युवती से सेक्स

जब युवती घर से भागने को राजी हो जाती तो आनंद (Serial Killers Mohan Kumar) उसे कर्नाटक के हसन जिले के एक बस स्टैंड पर बुलाता। जिसके बाद युवती को एक सस्ते होटल में ले जाता और रात रूककर अगले दिन मंदिर में शादी करने की बात कहता। होटल में दोनों खाना खाते और सपने देखते। जैसे ही रात होती तो आनंद अपने असली रूप में आ जाता और युवती को सेक्स करने के लिए राजी करता। जब महिला शादी से पहले ये सब करने से मना करती तो आनंद महिला को इमोश्नल ब्लैकमेल करता इसके बाद महिला मान जाती और दोनों के बीच शारीरिक सबंध बनते। अगले ही दिन वे शादी के लिए तैयार हो जाते। महिला लॉज में दुलहन की तरह सजती-संवरती। उसी बीच आनंद (Serial Killers Mohan Kumar) कुछ काम से होटल के बाहर निकल जासता और युवती से बस स्टैंड पर मिलने को कहता। महिला जब बस स्टैंड पर पहुंचती तो बातों ही बातों में आनंद महिला को एक टैबलेट खाने को देता और कहता की रात में जो हुआ उसकी टेंशन मत लो, यह गोली खा लो। आनंद महिला को टॉयलेट में जाकर गोली खाने को कहता तो महिला पूछती की टॉयलेट में क्यों तो आनंद कह देता की शायद दवा खाने के बाद कुछ प्राइवेट वाली कोई दिक्कत हो इसलिए कह रहा हूं। आनंद इतना शातिर था की टॉयलेट में जाने से पहले महिला के गहने उतरवा देता था।

टॉयलेट में जाते ही महिला की मौत

आनंद की बात मानकर महिला टॉयलेट में चलती जाती वहीं आनंद (Serial Killers Mohan Kumar) बैग में महिला के गहने लेकर खड़ा रहता। महिला टॉयलेट में जाती और अंदर से दरवाजा बंद करती और गोली खाती तो महिला की कुछ ही पल में टॉयलट की शीट पर मौत हो जाती लेकिन आनंद टॉयलेट के बाहर हंगामा होने तक खड़ा रहता जैसे ही महिला की मौत की बात कन्फर्म होती तो आनंद होटल या लॉज में जाकर महिला से जुड़ी निशानियां नष्ट कर देता और गहने लेकर फरार हो जाता। आनंद करीब 20 महिलाओं के साथ ऐसा कर चुका है। पुलिस ने जब आनंद की कुंडली निकाली तो पुलिस को मिली एक डायरी में कई महिलाओं के नंबर मिलें। साल 2013 में मंगलौर की कोर्ट ने सायनाइड मोहन को फांसी की सजा सुनाई। फिलहाल वह जेल में बंद है। इस घटना पर एक फिल्म भी बन चुकी है।

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