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Bhopal News: 8 साल के बच्चे की स्विमिंग पूल में डूबने से मौत, वीकेंड मनाने गया था मासूम

Bhopal News: भोपाल से सटे सीहोर में एक 8 साल के बच्चे की स्विमिंग पूल में डूबने से मौत हो गई। बच्चा वीकेंड मनाने सीहोर के वॉटर पार्क गया था।

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Bansal news
Bhopal News: 8 साल के बच्चे की स्विमिंग पूल में डूबने से मौत, वीकेंड मनाने गया था मासूम

Bhopal News: भोपाल के पास सीहोर के वाटर पार्क में 9 साल के बच्चे की पानी में डूबने से मौत हो गई। बच्चा परिजन के साथ सीहोर में छुट्टियां (Bhopal News) बिताने गया था। जहां पर खेलते-खेलते वह स्विमिंग पूल में डूब गया।

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जैसे ही परिजन मे देखा तो उसे तुरंत हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां पर डॉक्टर्स ने चेकअप करने के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया। हादसा रविवार सुबह हुआ था। वहीं, बच्चे की मौत के बाद माता-पिता (Bhopal News) ने बच्चे के नेत्र दान कर दिए हैं।

भोपाल के रहने वाले गौरव राजपूत का पेपर ट्रेडिंग का बिजनेस है। वह अपने पूरे परिवार के साथ सीहोर के क्रीसेंट वाटर पार्क (Bhopal News) गए थे। वहीं, आरुष स्विमिंग पूल में कम पानी वाली जगह में तैर रहा था।

तभी थोड़ी देर बाद आरुष पानी में खेलते-खेलते डूब गया। मां अर्चना का ध्यान आरुष पर गया तो उसे पानी से बाहर निकाला और पिता को आवाज लगाई।

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आरुष की मां ने वाटर पार्क प्रबंधन पर आरोप लगाया है कि हादसे के बाद उन्होंने प्रबंधन से फर्स्ट एड किट मांगी, लेकिन वह उन्हें नहीं मिली।

माता-पिता ने दिए बच्चे के नेत्र दान

मृत बच्चे के पिता (Bhopal News) गौरव राजपूत ने कहा कि आरुष भोपाल के साकेत नगर स्थित निजी स्कूल में तीसरी क्लास में पढ़ता था। वहीं, वह सब यहां परिवार के साथ अच्छा समय बिताने आए थे आरुष कम पानी वाले स्विमिंग पूल (Bhopal News) में खेल रहा था। तभी वह अचानक बेहोश हो गया।

हमें ये नहीं पता था कि जहां बम क्वालिटी टाइम बिताने आए थे वहां से मेरा बच्चा हमेशा के लिए हमें छोड़कर चला जाएगा।

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पिता ने कहा कि हादसे के समय वहां पर लाइफ गार्ड नहीं था। मेरी पत्नी और वहां मौजूद लोगों ने किसी तरह आरुष को पानी से निकाला। हम वहां मदद के लिए चिल्लाते रहे, लेकिन वाटर पार्क में किसी की तरफ से भी कोई जिम्मेदार नहीं आया।

किसी तरह हम बच्चे को लेकर सिविल अस्पताल (Bhopal News) लेकर पहुंचे, लेकिन बच्चे को चेक करने के बाद डॉक्टरों ने बेटे को मृत घोषित कर दिया। हम चाहते थे कि उसे रोशन देखना चाहते हैं, जिसकी वजह से हम उनकी आंखों को दान करने का फैसला किया है।

सारे आरोप झूठे- क्रीसेंट वाटर पार्क के मैनेजर 

क्रीसेंट वाटर पार्क के मैनेजर महिपाल ने बताया कि पार्क में हर स्विमिंग पूल में कम से कम 5-6 गार्ड रहते हैं। हमारी खुद की एम्बुलेंस है। उसी से हमने बच्चे को हॉस्पिटल पहुंचाया था। लापरवाही के सारे आरोप झूठे हैं। बता दें कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।

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