Advertisment

चित्रकूट: पति ने गुटखा खाने पर डांटा तो पत्नी ने 3 बच्चों के साथ खाया जहर, मां और 2 बच्चों की मौत, 1 की हालत बेहद गंभीर

Satna Suicide Gutkha Case: सतना के चित्रकूट में पति ने गुटखा खाने से रोकने पर पत्नी ने खौफनाक कदम उठा लिया। महिला ने 3 बच्चों के साथ जहर खा लिया।

author-image
Rahul Garhwal
Satna Suicide Gutkha Case woman and 2 children died in Chitrakoot hindi news

हाइलाइट्स

  • चित्रकूट में महिला और 3 बच्चों ने खाया जहर
  • महिला और 2 बच्चों की गई जान
  • गुटखा खाने से मना करने पर नाराज हुई महिला
Advertisment

Satna Suicide Gutkha Case: सतना के चित्रकूट में एक महिला ने 3 बच्चों के साथ जहर खा लिया। महिला सिर्फ पति की इस बात से नाराज थी कि उसने गुटखा खाने से मना किया था। महिला ने अपने 3 बच्चों को जहर खिलाया और खुद खाया। महिला और 2 बच्चों की मौत हो गई। एक बच्चे की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।

इटवां डुडैला गांव की घटना

यूपी के इटवां डुडैला गांव में शनिवार शाम को महिला ने खौफनाक कदम उठाया था। महिला और 3 बच्चों को गंभीर हालत में सतना के मझगवां अस्पताल लाया गया। यहां एक बेटी की मौत हो गई। मां और 2 बच्चों को प्राथमिक इलाज के बाद सतना जिला अस्पताल रेफर किया गया। रास्ते में मां और दूसरी बेटी की भी मौत हो गई।

गुटखा खाने को लेकर पति ने पत्नी को डांटा था

Satna Suicide Gutkha Case

महिला के पति ने बताया कि पत्नी गुटखा खाती थी। इसी बात को लेकर मैंने उसे डांट दिया था। मैंने उससे कहा था कि अब बच्चे बड़े हो रहे हैं। उन पर गलत असर पड़ेगा। इसलिए गुटखा छोड़ दो, मैं इसके लिए पैसे नहीं दूंगा।

Advertisment

बच्चों ने पिता से कहा-मम्मी ने कुछ कड़वा खिला दिया

महिला के पति ने बताया कि काम से घर लौटा तो बच्चों को पेट में तकलीफ हो रही थी। बच्ची ने कहा कि पापा दर्द हो रहा है। मम्मी ने कुछ कड़वा खिला दिया है। इसके बाद मैं उन्हें लेकर अस्पताल पहुंचा।

देश में करीब 21.4 प्रतिशत लोग इस्तेमाल करते हैं तंबाकू

Gutkha

हमारे देश में करीब 21.4 प्रतिशत लोग स्मोकलेस तंबाकू का इस्तेमाल करते हैं। इसमें गुटखा भी शामिल है। हर 100 व्यस्क लोगों में से लगभग 8 लोग गुटखा खाते हैं।

मुंह के कैंसर के लक्षण

होंठ या मुंह के अंदर कोई घाव, जलन या खुरदुरापन जो ठीक न हो, ये मुंह के कैंसर का आम लक्षण है।

Advertisment

मुंह में सफेद या लाल धब्बे (ल्यूकोप्लाकिया या एरिथ्रोप्लाकिया) बनना।

मुंह या गर्दन में कोई गांठ, उभार या मोटा होना।

गर्दन में गांठें, जो छूने पर चिकनी और गोल हो सकती हैं।

चबाने, निगलने या बोलने में दर्द या परेशानी।

ऐसा महसूस होना कि गले में कुछ फंसा हुआ है।

जीभ के मूवमेंट में दिक्कत या जबड़े में अकड़न महसूस हो सकती है।

अगर आपका वजन बिना किसी कारण के अचानक कम होने लगे।

कान में लगातार दर्द होना भी एक संकेत हो सकता है।

आपकी आवाज भारी या धीमी हो सकती है।

मुंह के अंदर से बिना किसी स्पष्ट कारण के खून आ सकता है या मुंह के कुछ हिस्सों में सुन्नपन महसूस हो सकता है।

gutkha side effects

ये खबर भी पढ़ें: उज्जैन के शनि मंदिर में 11 हजार रिश्वत लेते रोजगार सहायक रंगे हाथों गिरफ्तार, जानें क्यों मांगी थी घूस

गुटखा छोड़ने के तरीके

क्रमांकतरीकाकैसे मदद करेगा
1धीरे-धीरे खुराक कम करनाअचानक छोड़ने की बजाय गुटखे की मात्रा रोज थोड़ा-थोड़ा कम करें, इससे शरीर को आदत बदलने का समय मिलेगा।
2निकोटिन रिप्लेसमेंट थेरेपी (NRT)निकोटिन गम, पाउच का इस्तेमाल करके क्रेविंग कम की जा सकती है। डॉक्टर की सलाह जरूरी।
3माउथ फ्रेशनर/हेल्दी विकल्पगुटखे की जगह सौंफ, इलायची, लौंग या शुगर-फ्री च्यूइंग गम चबाएँ ताकि मुंह व्यस्त रहे।
4ट्रिगर से बचावगुटखा खाने की आदत जिन जगहों/दोस्तों/समय पर होती है, उनसे दूरी बनाएँ। आदत बदलने में मदद मिलेगी।
5काउंसलिंग और सपोर्ट ग्रुपडॉक्टर, काउंसलर या डि-एडिक्शन हेल्पलाइन से मदद लें; परिवार और दोस्तों का सहयोग बहुत असरदार होता है।
Advertisment

FAQ

1.गुटखा छोड़ने के लिए कितने दिन लगेंगे ?

जवाब -शुरुआत के पहले 7 से 10 दिन सबसे कठिन होते हैं। ज्यादातर लोग अगर इस अवधि में डटे रहें तो 1 से 3 महीने में लत काफी हद तक छूट जाती है। पूरी तरह से गुटखे की आदत से छुटकारा पाने और शरीर को सामान्य होने में 6 महीने से 1 साल तक लग सकता है।

2. गुटखा छोड़ने से क्या तबीयत खराब हो सकती है ?

जवाब -हां, गुटखा छोड़ने पर शुरुआत में थोड़ी तबीयत खराब लग सकती है। ये लक्षण निकोटिन विदड्रॉअल कहलाते हैं। शरीर निकोटिन का आदी हो चुका होता है और अचानक उसकी कमी से प्रतिक्रिया देता है। ये समस्याएं अस्थायी होती हैं और ज्यादातर लोग 2-4 हफ्तों में बेहतर महसूस करने लगते हैं। शरीर धीरे-धीरे निकोटिन से मुक्त हो जाता है और तबीयत पहले से ज्यादा अच्छी लगने लगती है।

3.गुटखा छोड़ने के लिए कोई दवाई आती है ?

जवाब -गुटखा छुड़ाने के लिए सीधे कोई दवाई नहीं होती, लेकिन निकोटिन की लत कम करने वाली मेडिसिन और थेरेपी उपलब्ध हैं, जिन्हें डॉक्टर की सलाह से लिया जा सकता है। निकोटिन गम, निकोटिन पाउच और निकोटिन पैच का इस्तेमाल आप डॉक्टर की सलाह से कर सकते हैं।

Advertisment

4.क्या गुटखा छुड़ाने के लिए हेल्पलाइन नंबर है ?

जवाब -हां, गुटखा छुड़ाने के लिए आप टोल-फ्री नंबर 1800-11-2356 पर सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक फोन करके सलाह ले सकते हैं। 

हमें XFacebookWhatsAppInstagram पर फॉलो करें। हमारे यू-ट्यूब चैनल Bansal News MPCG को सब्सक्राइब करें।

MP Tiger Corridor: मध्यप्रदेश में बनेगा 4 टाइगर रिजर्व को जोड़ने वाला कॉरिडोर और ग्रीनफील्ड हाइवे

Advertisment

Madhya Pradesh Nitin Gadkari Announces Tiger Corridor Greenfield Highway: मध्यप्रदेश में अब चार टाइगर रिजर्व को जोड़ने वाला विशेष कॉरिडोर और भोपाल-जबलपुर के बीच ग्रीनफील्ड हाईवे बनेगा। यह घोषणा केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने जबलपुर में की। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें...

Satna Suicide Gutkha Case Satna woman suicide Satna woman suicide gutkha case Chitrakoot woman suicide Chitrakoot woman suicide gutkha case woman and 2 children died in Chitrakoot
Advertisment
चैनल से जुड़ें