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शुक्रवार को बोरवेल में गिरा था मासूम
24 घंटे से ज्यादा समय से बच्चा अंदर फंसा
खुला हुआ था 160 फीट गहरा बोरवेल
बच्चे के ऊपर मिट्टी आने से गहराई में पहुंचा
इससे पहले बोरवेल के पैरेलल 8 जेसीबी मशीनों ने खुदाई की गई। 60 फीट से अधिक खुदाई के बाद पानी भी निकल आया।
जिससे रेस्क्यू में दिक्कतें आई। अभी बच्चे का कोई मूवमेंट नहीं दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि उसके ऊपर मिट्टी आने से वह और गहराई में चला गया।
सीएम मोहन यादव ने दिए निर्देश
घटना को लेकर सीएम मोहन यादव ने निर्देश दिए हैं। सीएम के निर्देश पर डिप्टी सीएम घटना स्थल पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि उम्मीद नहीं थी ऐसा भी हो सकता है। कलेक्टर और विधायक को भी सीएम ने जरूरी निर्देश देकर कहा कि ऐसे बोरवेल को तुरंत बंद किया जाए।
रात को मौसम की वजह से रेस्क्यू हुआ धीमा
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रेस्क्यू टीम बोरवेल के पास 8 जेसीबी मशीन से खुदाई कर रही है. रात के समय मौसम खराब होने की वजह से ऑपरेशन स्लो हुआ. फिलहाल बच्चे का कोई मूवमेंट कैमरे में नहीं दिखाई दे रहा है. मयंक (6) गेंहूं की बालियां बीनते समय खेत में खुले बोरवेल में जा गिरा था.
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खुले में बोरवेल पर नहीं लग रहा अंकुश
खुले बोरवेल को लेकर दिसंबर 2023 में कैबिनेट बैठक में सीएम मोहन यादव ने जिला कलेक्टरों के खुले बोरवेलों पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे. इसके बाद भी इस तरह की घटनाएं थमने का नाम नही ले रहीं हैं. हर साल ऐसे कई हादसे होते हैं. दिसंबर 2023 में आलीराजपुर में 5 साल के बच्चे की बोरवेल में गिरने से मौत हो गई थी. करीब साढ़े छह: घंटे के रेस्क्यू के बाद उसे निकाला गया था. अस्पताल में डाक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया था.
सुप्रीम कोर्ट की ये है गाइडलाइन
किसी भी भूस्वामी को बोरवेल के निर्माण के लिए 15 दिन पहले कलेक्टर या पटवारी को जानकारी देनी होगी. बोरवेल की खुदाई करने वाली कंपनी या मशीन ओनर को जिला प्रशासन या अन्य सक्षम कार्यालय में रजिस्टर होना अनिवार्य होगा. बोरवेल के आसपास साइन बोर्ड लगवा कर जानकारी देनी होगी. जिसमें बोरवेल करने वाली मशीन और भूमि मालिक की जानकारी दी जाए. बोरवेल के चारों ओर कटीली तारों से फेन्सिंग हो. खुले बोरवेल को ढक्कन लगाकर बंद किया जाए.
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