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Reading Books: इस देश में सजा कम करवाने के लिए अपराधी पढ़ते हैं किताबें

इस कार्यक्रम को बुक्स बिहाइंड बार्स का नाम दिया गया है। इस कार्यक्रम की थीम है कि किताबें पढ़िए, सज़ा कम कराइए

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Agnesh Parashar
Reading Books: इस देश में सजा कम करवाने के लिए अपराधी पढ़ते हैं किताबें

Reading Books: दुनिया के कई देशों में अपराध करने पर अपराधियों को अलग-अलग सजा के प्रावधान हैं। भारत में जहां पर अपराध साबित होने पर उम्रकैद समेत फांसी की सजा दी जाती हैं।

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वहीं कई देशों अपराधियों सजा के कठिन सजा दी जाती है। इन सब के अलावा दुनिया का एक देश ऐसा भी जहां पर अपराधियों जेल में किताबें दी जाती हैं। ताकि उन्हें सजा कम करने का मौका मिल सके।

 इस देश की जेलों में किताबें पढ़ने पर कम हो जाती है सजा, जवाब भारत नहीं है

जीं हां वेस्ट सेंट्रल साउथ अमेरिका में स्थित देश बोलीविया की जेलों में कैदियों को किताबें पढ़ने पर सज़ा कम हो जाती है।

इस कार्यक्रम को बुक्स बिहाइंड बार्स का नाम दिया गया है। इस कार्यक्रम की थीम है कि किताबें पढ़िए, सज़ा कम कराइए और फिर मुस्कुराते हुए बाहर जाइए।

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इस देश की जेलों में किताबें पढ़ने पर कम हो जाती है सजा, जवाब भारत नहीं है

इस कार्यक्रम का एक और उद्देश्य साक्षरता बढ़ाना भी है। बोलीविया की जेलों में कैदियों के लिए मौत की सज़ा या उम्रकैद की सज़ा नहीं है।

इस देश की जेलों में किताबें पढ़ने पर कम हो जाती है सजा, जवाब भारत नहीं है

यहां जो कैदी ज़्यादा किताबें पढ़ते हैं, उन्हें सज़ा पूरी करने से पहले ही रिहा कर दिया जाता है। हालांकि, आम तौर पर यहां की जेलों में बंद कैदियों में ज़्यादातर बहुत पढ़े-लिखे नहीं हैं। इसलिए उनके लिए किताबें पढ़ना थोड़ा समय लेने वाला काम है।

इस देश की जेलों में किताबें पढ़ने पर कम हो जाती है सजा, जवाब भारत नहीं है

यह कार्यक्रम ब्राज़ील में चलाए गए ऐसे ही एक कार्यक्रम से प्रभावित है। काफी संख्या में कैदी इस कार्यक्रम का फायदा भी उठा चुके हैं।

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