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Holashtak 2026: इस साल होलाष्टक में कर पाएंगे शुभ काम, कुंभ के सूर्य, गुरु-शुक्र उदय, बज पाएंगी शहनाई

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Preeti Dwivedi
Holashtak 2026 Start Date

Holashtak 2026: इस साल होली के पहले 24 फरवरी से होलाष्टक प्रारंभ होने वाले हैं। वैसे तो लोक परंपरा के अनुसार इन आठ दिनों में मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं, लेकिन हिन्दू पंचांग के अनुसार इस बार ग्रहों की स्थिति कुछ अलग ही संकेत दे रही है। 
ज्योतिषाचार्य पंडित रामगोविंद शास्त्री के अनुसार कुंभ के सूर्य, गुरु और शुक्र का उदय  होने से शुभ कार्यों के लिए अनुकूल संयोग बने हैं। इस दौरान विवाह, गृहप्रवेश, नामकरण, संपत्ति रजिस्ट्री और नया व्यापार शुरू कर सकते हैं। 

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हालांकि कुछ क्षेत्रों में परंपरा के अनुसार होलाष्टक में शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं, लेकिन ज्योतिषीय स्थिति के अनुसार इस बार कई शुभ योग बन रहे हैं। इस कारण विवाह सहित अन्य मांगलिक कार्यों के लिए विशेष अवसर रहेगा।

Start End Date Do Donts: हिन्दू पंचांग के अनुसार इस बार होली का त्योहार मार्च के पहले सप्ताह में आएगा। लेकिन इसके आठ दिन पहले से होलाष्टक शुरू हो जाते हैं। इस बार होलाष्टक कब से शुरू हो रहे हैं। ये कब समाप्त होंगे। इस दौरान क्या करें, क्या नहीं, जानते हैं ज्योतिषाचार्य पंडित रामगोविंद शास्त्री। 

होलाष्टक 24 फरवरी से 

ज्योतिषाचार्य पंडित रामगोविंद शास्त्री ने बताया कि लोक विजय पंचांग के अनुसार इस साल होलाष्टक का प्रारंभ 24 फरवरी 2026 मंगलवार से हो रहा हैं जो 2 मार्च 2026 सोमवार को होलिका दहन के साथ समाप्त होंगे। इस दौरान कुछ कामों को करने की मनाही होती है। 

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होलाष्टक में क्या नहीं करना चाहिए

ज्योतिषाचार्य के अनुसार शास्त्रों में शुभ काम को करने की कहीं मनाही नहीं है। हालांकि कुछ काम ऐसे हैं जिन्हें बड़े बुजुर्गों द्वारा लोक परंपरा अनुसार वर्जित माना गया है। जिसमें लकड़ी के सामान को इकट्ठा करना, रंगाई पुताई करना, कंडे इकट्ठे करना आदि शामिल हैं। 

इस बार होलाष्टक में इस दिन हैं मुंडन, विवाह, गृह प्रवेश के शुभ मुहूर्त 

पंचांग के अनुसार इस बार 25 फरवरी को गृह प्रवेश, 26 फरवरी को मुंडन और 28 फरवरी को जलाशय खनन यानी बोरिंग कराना, देवताओं की प्राण प्रतिष्ठा आदि शुभ काम किए जा सकते हैं।

होलाष्टक में क्या नहीं करना चाहिए

पुरानी परंपरओं के अनुसार होलाष्टक में कोई भी शुभ कार्य वर्जित माना जाता है। ऐसे में यदि आप भी शुभ काम करने के पहले जान लें कि होलाष्टक में ऐसे कोई भी काम नहीं होंगे।

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इस दौरान किसी भी तरह का लकड़ी का सामान खरीदना शुभ नहीं माना जाता है। लकड़ी का काम भी घर में नहीं कराना चाहिए। साथ ही इस दौरान गृह प्रवेश, हवन, मुंडन आदि कार्य भी करना स​ही नहीं माना जाता है।

अष्टमी पर कामदेव ने तपस्या की थी भंग (Holashtak ki Kahani) 

धर्म ग्रंथों के अनुसार फाल्गुन माह की अष्टमी के दिन प्रेम के देवता कामदेव ने भगवान शिव की तपस्या भंग की थी। तब क्रोधित होकर शिव जी ने कामदेव को भस्म कर दिया था। जिसके बाद कामदेव की पत्नी रति ने शिव की आराधना करके कामदेव को पुनर्जीवित करने की प्रार्थना की थी।

इसके बाद भगवान शिवजी ने रति की प्राथना स्वीकार की थी। शिवजी के इस निर्णय के बाद प्रजा में खुशी की लहर आ गई थी। होलाष्टक का अंत (Holashtak 2025 End) होलिका दहन के दिन हो गया था। कहते हैं इसी वजह से 8 दिन शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।

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Holashtak में क्या नहीं करना चाहिए

होलाष्टक के आठ दिनों में विवाह, मुंडन, नामकरण, सगाई समेत 16 संस्कार नहीं करने चाहिए।
इस दौरान वाहन, प्लॉट, नए मकान या दूसरे प्रॉपर्टी की खरीदारी नहीं करना चाहिए।
किसी भी तरह के धार्मिक कार्य हवन, यज्ञ आदि न करें।
इस दौरान नौकरी बदलना भी सही नहीं माना गया है। न ही कोई नई नौकरी ज्वाइन करना चाहिए।
अगर आप 24 फरवरी से 2 मार्च के बीच में नया काम शुरु करने की सोच रहे हैं तो वह भी इस दौरान नहीं करना चाहिए। यानी इस दौरान कोई नया काम या व्यापार शुरु करना वर्जित है।

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Holashtak 2026
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