Advertisment

Raipur Kisan Andolan: रायपुर में किसानों का प्रदर्शन, 9 सूत्रीय मांगों को लेकर CM आवास की ओर मार्च, पुलिस ने रोका

Raipur Kisan Andolan: रायपुर में किसानों ने अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोका।

author-image
Shashank Kumar
Raipur Kisan Andolan

Raipur Kisan Andolan

हाइलाइट्स 

  • रायपुर में किसानों का उग्र प्रदर्शन
  • पुलिस ने CM हाउस का रास्ता रोका
  • मंत्री गजेन्द्र यादव ने दिया आश्वासन
Advertisment

Raipur Kisan Andolan : छत्तीसगढ़ की राजधानी सोमवार को किसानों की नाराजगी की गवाह बनी, जब हजारों किसान भारतीय किसान संघ के आह्वान पर सड़कों पर उतर आए। किसानों का उद्देश्य अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से सीधे मुलाकात करना था, जिसके लिए वे रायपुर स्थित मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च कर रहे थे। हालांकि, पुलिस ने उन्हें स्प्रे शाला के पास ही रोक दिया।

मुख्यमंत्री से मिलने की मांग 

[caption id="attachment_914519" align="alignnone" width="1139"]Raipur Kisan Andolan Raipur Kisan Andolan[/caption]

किसानों की भीड़ जैसे-जैसे मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ी, प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से पुलिस बल की भारी तैनाती कर दी। प्रदर्शनकारी किसानों को आगे बढ़ने से रोकते हुए पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर रास्ता बंद कर दिया। इसी दौरान मौके पर पहुंचे शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधि विधायी मंत्री गजेन्द्र यादव ने किसानों से मुलाकात कर उन्हें सरकार की ओर से आश्वासन दिया।

Advertisment

मंत्री गजेन्द्र यादव का आश्वासन 

मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं किसान संगठनों से मिलने के इच्छुक हैं और उनकी मांगों को गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सिंचाई के लिए 2800 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा रही है, जबकि कवर्धा के गन्ना किसानों की लंबित राशि पर जल्द कैबिनेट में निर्णय होगा।

हालांकि, किसानों का कहना था कि सरकार ने उनकी 9 में से सिर्फ 4 मांगों पर ही सकारात्मक रुख दिखाया है। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि सभी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो वे आंदोलन को और व्यापक करेंगे।

[caption id="attachment_914520" align="alignnone" width="1140"]Raipur Kisan Andolan Raipur Kisan Andolan[/caption]

Advertisment

क्यों उबल रहा है किसानों का गुस्सा 

किसानों का प्रदर्शन सिर्फ भावनात्मक नहीं, बल्कि नीतिगत विसंगतियों और वादाखिलाफी के खिलाफ एक मजबूत विरोध था। उनकी प्रमुख मांगों में धान और गन्ने का उचित समर्थन मूल्य, बकाया राशि का भुगतान, हाफ बिजली बिल योजना की पुनर्बहाली, और सिंचाई व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण शामिल है।

किसानों का कहना है कि धान खरीद में तकनीकी दिक्कतें, खाद की कालाबाजारी, और दलहन-तिलहन पर अनुदान की कमी जैसी समस्याएं उन्हें लगातार नुकसान पहुंचा रही हैं। साथ ही, जैविक खेती को लेकर भी केंद्र सरकार की योजना का लाभ राज्य में किसानों को नहीं मिल पा रहा है।

ये भी पढ़ें:  Bharatmala Project Ghotala: EOW कोर्ट में 10 आरोपियों के खिलाफ 8000 पन्नों का चालान पेश, CBI या ED जांच की संभावना बढ़ी

Advertisment

जनभावनाओं से जुड़ा मुद्दा, सरकार की अग्निपरीक्षा

किसानों का यह आंदोलन छत्तीसगढ़ सरकार के लिए एक नीतिगत परीक्षा है। मुख्यमंत्री की तरफ से संवाद का प्रस्ताव स्वागत योग्य है, लेकिन जब तक किसान व्यावहारिक समाधान नहीं देखते, तब तक उनका आंदोलन रुकने की संभावना नहीं दिखती। किसानों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि उनकी सभी मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं होती, तो वे आने वाले समय में राज्यभर में व्यापक आंदोलन करेंगे।

ये भी पढ़ें:  CG News : बिलासपुर-रायपुर होते हुए नागपुर जा रही इंटरसिटी एक्सप्रेस से 3.37 करोड़ रुपये के सोने-चांदी के जेवरात बरामद

sugarcane farmers' demands Raipur Kisan Andolan Gajendra Yadav farmers' assurance farmers' paddy support price Farmers' movement Raipur electricity bill scheme Chhattisgarh Farmers Protest 9-point demands
Advertisment
चैनल से जुड़ें