लद्दाख मोर्चों के नाम वाले पिल्ले आईटीबीपी के श्वान दल में शामिल

नयी दिल्ली, 30 दिसंबर (भाषा) गलवान, श्योक और रेजांग समेत 14 बेल्जियन मेलिनोइस नस्ल के पिल्लों को चीन से लगने वाली वास्तविक नियंत्रण रेखा की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के युद्धक श्वान दल में बुधवार को शामिल किया गया।

चंडीगढ़ के निकट भानु में बल के प्रशिक्षण केंद्र में ‘नामकरण परेड’ आयोजित की गई जिसमें उसकी पशु शाखा के प्रमुख डीआईजी सुधाकर नटराजन ने प्रत्येक पिल्ले को उसके नाम वाला विशेष पट्टा पहनाया और बल में शामिल किये जाने के प्रतीक के तौर पर उनके दाहिने कंधे को चांदी की तलवार से छुआ।

उनकी देखभाल करने वाले कर्मियों ने इस वादे के साथ डीआईजी को एक जोरदार सलाम किया कि वे उन्हें स्वस्थ, सुरक्षित और लड़ाई के लिये फिट रखेंगे।

इन पिल्लों को लद्दाख सेक्टर के विभिन्न रणनीतिक भौगोलिक स्थानों का नाम दिया गया है जिनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी मुख्य रूप से आईटीबीपी पर है। आईटीबीपी चीन से लगने वाली 3488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर सरहद की हिफाजत के लिये तैनात है।

‘पीटीआई-भाषा’ ने इस महीने यह खबर पहले ही दी थी कि भानु में बल के राष्ट्रीय श्वान प्रशिक्षण केंद्र (एनटीसीडी) में इन पिल्लों का नाम अनेला, गलवान, सासोमा, श्योक, चांग चेनमो, चिप-चाप, दौलत, रेजांग, रंगो, चार्डिंग, इमिस, यूला, श्रीजाप, सुल्तान –चुक्सू, मुखपरी, चुंग-थुंग और खारदुंगी के नाम पर रखा जाएगा।

इन पिल्लों का जन्म सितंबर-अक्टूबर में हुआ था।

भाषा

प्रशांत पवनेश

पवनेश

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