Advertisment

Property Cash Payment: प्रॉपर्टी खरीद में अगर 2 लाख से अधिक कैश पेमेंट किया, तो आयकर विभाग को देनी होगी इसकी जानकारी

Property Cash Payment: प्रॉपर्टी खरीद में 2 लाख से अधिक नगद पेमेंट की जानकारी अब आयकर विभाग को देनी होगी, सुप्रीम कोर्ट गाइडलाइन के बाद एसओपी बनेगा।

author-image
Wasif Khan
Property Cash Payment: प्रॉपर्टी खरीद में अगर 2 लाख से अधिक कैश पेमेंट किया, तो आयकर विभाग को देनी होगी इसकी जानकारी

हाइलाइट्स

  • प्रॉपर्टी डील में 2 लाख से अधिक नगद पर रिपोर्ट
  • आयकर विभाग को देनी होगी पूरी जानकारी
  • नगद किश्तों में पेमेंट भी गैरकानूनी माना जाएगा
Advertisment

Property Cash Payment Rule Income Tax: पंजीयन विभाग और आयकर विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक में यह साफ कर दिया गया है कि प्रॉपर्टी खरीद-बिक्री में दो लाख या उससे अधिक का नकद (cash) लेन-देन छिपाया नहीं जा सकेगा। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के आधार पर इस संबंध में जल्द ही एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार किया जाएगा।

[caption id="" align="alignnone" width="1087"]publive-image प्रॉपर्टी डील में 2 लाख से अधिक नगद पर रिपोर्ट।[/caption]

बैठक में तय हुए निर्देश

आयकर विभाग की इंटेलिजेंस और क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन विंग ने पंजीयन विभाग के अफसरों को बताया कि अगर किसी दस्तावेज की रजिस्ट्री के दौरान खरीदार या विक्रेता यह दावा करता है कि सौदे में दो लाख रुपए या उससे अधिक का नगद भुगतान हुआ है, तो इसकी सूचना सीधे आयकर विभाग को देनी होगी। विभाग इस तरह के मामलों की जांच करेगा।

Advertisment

ये भी पढ़ें-MP Arms License: गांधी जयंती तक इन लोगों को करना होगा हथियार सरेंडर, जानें किन पर लागू यह नियम

किश्तों में कैश लेन-देन भी नहीं मान्य

आयकर अधिनियम के तहत दो लाख या उससे अधिक का नकद भुगतान किश्तों में भी नहीं किया जा सकता। यानी कोई खरीदार यदि राशि को कई हिस्सों में कैश के रूप में चुकाने की कोशिश करता है, तो वह भी नियम का उल्लंघन माना जाएगा।

जानकारी न देने पर होगी सख्ती

यदि किसी सब रजिस्ट्रार ने नगद भुगतान की जानकारी विभाग को नहीं दी तो आयकर विभाग सीधे मुख्य सचिव को इसकी रिपोर्ट भेजेगा। इसके लिए निगरानी तंत्र को और मजबूत किया जा रहा है ताकि अवैध कैश ट्रांजैक्शन पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।

Advertisment

AIIMS Bhopal: भोपाल एम्स ने शुरू की एडवांस सर्जरी, अब ब्रेस्ट कैंसर में नहीं हटाना पड़ेगा पूरा ब्रेस्ट

भोपाल एम्स (AIIMS Bhopal) ने सेंट्रल इंडिया में पहली बार ब्रेस्ट कैंसर के इलाज के लिए एडवांस तकनीक का इस्तेमाल शुरू किया है। अब मरीजों को पूरा ब्रेस्ट हटवाने की आवश्यकता नहीं होगी। डॉक्टर इन्फ्रारेड कैमरे और आईसीजी डाई (ICG Dye) तकनीक से सिर्फ कैंसर वाली कोशिकाएं पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।

Tax Evasion India supreme court guideline real estate law real estate india property transaction property rules Property Registry Property Registration property cash deal income tax sop Income Tax India income tax department cash payment rule cash payment ban cash limit india
Advertisment
चैनल से जुड़ें