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Allahabad HC: इस्लाम में लिव-इन रिलेशन में रहने पर सौ कोड़े की सजा, मुस्लिम युवक के साथ रहने वाली हिंदू महिला की याचिका खारिज

इलाहाबाद। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने शादी से पहले पहले लिव-इन में रहने और फिजिकल होने को इस्लाम में गलत बताया है।

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Bansal news
Delhi High Court: शादीशुदा महिला लिव-इन पार्टनर पर नहीं लगा सकती रेप का आरोप, दिल्ली हाई कोर्ट ने क्यों कहा ऐसा

इलाहाबाद। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने शादी से पहले पहले लिव-इन में रहने और फिजिकल होने को इस्लाम में गलत बताया है। कोर्ट ने यह फैसला एक कपल की याचिका पर सुनाते हुए कहा जिसमें कपल ने पुलिस से हरेसमेंट से सुरक्षा की मांग की थी।

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मां ने पुलिस से की थी शिकायत

याचिका डालने वाली 29 साल की एक हिंदू महिला है जो 30 साल के मुस्लिम युवक के साथ लिव-इन में रहती है। महिला ने अपनी याचिका में कहा है कि पुलिस उसे परेशान कर रही है और उसे सुरक्षा दी जाए। युवती की मां ने भी पुलिस से शिकायत की थी, जिसका जिक्र याचिका में किया गया है।

जिसके बाद पुलिस पर परेशानी करने और सुरक्षा देने की मांग की है। महिला ने यह भी कहा कि उसकी मां इस रिश्ते से खुश नहीं है।

लॉ की रिपोर्ट के अनुसार हाई कोर्ट ने क्या कहा

लॉ की रिपोर्ट के अनुसार  हाई कोर्ट ने कहा, “इस्लाम में निकाह से पहले या निकाह से इतर यौन संबंधों की इजाजत नहीं है। वास्तव में निकाह से पहले किसी भी प्रकार का यौन, छूना, घूरना वगैरह इस्लाम में हराम है।

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इन्हें जिना का हिस्सा माना जाता है।” जस्टिस संगीता चंद्रा और जस्टिस नरेंद्र कुमार जौहरी की बेंच ने कहा, “कुरान में व्यभिचार के लिए अविवाहित पुरुष और महिला के लिए सौ कोड़े की सजा है। साथ ही विवाहित पुरुष और महिला के लिए ‘सुन्नत’ के अनुसार पत्थर मारकर हत्या करने की सजा है।”

मां अपनी बेटी के संबंधों की थी विरोध

दरअसल लड़की की मां अपनी बेटी के संबंधों के विरोध में थी। उनकी शिकायत पर पुलिस ने लड़का और लड़की के खिलाफ FIR दर्ज की थी। इसको चुनौती देते हुए लड़की ने अदालत में याचिका दायर की थी। हाई कोर्ट ने इस्लाम का हवाला देते हुए इस संबंध को मान्यता देने से इनकार कर दिया। याचिका में लड़की ने पुलिस पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था।

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इस केस में याचिकाकर्ता लखनऊ के हसनगंज थानाक्षेत्र की रहने वाली 29 वर्षीया एक लड़की है। उसने मोहम्मद रिज़वान नाम के एक 30 वर्षीय युवक के साथ खुद को लिव इन रिलेशनशिप में बताया था। लड़की का आरोप था कि उनकी मां दोनों के रिश्ते से खुश नहीं हैं। लड़की की मां ने पुलिस में FIR दर्ज करवा के आरोप लगाया था कि पुलिस उन्हें और रिज़वान को प्रताड़ित कर रही है। याचिका में लड़की ने खुद को बालिग और अपने निर्णय को पूरी तरह से सोच-समझ कर लिया गया बताया था।

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