Pitra Paksha 2022 : ये संकेत बताते हैं कि आप पितृ दोष से हैं पीड़ित, जानें दूर करने के उपाय

Pitra Paksha 2022 : ये संकेत बताते हैं कि आप पितृ दोष से हैं पीड़ित, जानें दूर करने के उपाय

नई दिल्ली। 11 सितंबर से पितृ पक्ष Pitra Paksha 2022 शुरू हो रहे हैं। इसके साथ ही सभी अपने पितरों की शांति के लिए उपाय करेंगे। घर के बड़े और छोटे पितरों को पानी देते हैं। वैसे तो ज्योतिषाचार्य आपको बताते हैं कि आपको पितृ दोष है Pitra Paksha 2022 या नहीं लेकिन अगर फिर भी आपको इसके बारें में नहीं पता है। तो आइए हम आपको बताते हैं कि आखिर कैसे पता किया जाए कि आपको पितृ दोष है या नहीं।

ऐसे पता करें कि आपको तो नहीं पितृदोष – 
कुंडली में पितृ दोष होने से व्यक्ति को कई तरह Pitra Paksha 2022 की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए जब कभी जीवन में समस्याएं आती हैं तो ज्योतिषाचार्य कुं​डली में सबसे पहले पितृदोष देखते हैं। जिसके अनुसार पितृ दोष को अशुभ फल देने वाला दोष माना गया है। जिनकी कुंडली में यह दोष होता है। उनके हर कार्य में बाधा आती है। मान—सम्मान बढ़ता नहीं है। जीवन भरी की जमा पूंजी नष्ट हो जाती है। विभिन्न बीमारियां भी घेरने लगती हैं।

कब मनाएं पितरों का श्राद्ध
वैसे तो घर के बड़ों का इस बात का पता होता है कि पितरों का श्राद्ध कब है। या जिस दिन उन्हें मुखाग्नि दी जाती है। उसी दिन श्राद्ध मनाया जाता है। लेकिन फिर भी अगर आपको इसके बारे में नहीं पता है। तो इसके लिए सर्व पितृ अमावस्या पर उनका श्राद्ध किया जा सकता है।

क्या है श्राद्ध का महत्व
पितरों का तर्पण न होने से उन्हें मुक्ति नहीं मिलती इसलिए उनकी मुक्ति के लिए तर्पण करना जरूरी होता है। पितृ पक्ष में श्राद्ध और तर्पण का कार्य पितरों की शांति के लिए किया जाता है। तर्पण कर पितरों का आशीर्वाद लेने से जीवन में आने परेशानियों से दूर हो जाती हैंं।

पहला श्राद्ध कब है?
हिन्दु पंचांग के अनुसार 11 सितंबर को इस वर्ष का पहला श्राद्ध है। सोमवार को भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा की तिथि से इसकी शुरूआत है। नियम और अनुशासन का पालन करके ही इसका लाभ लिया जा सकता है।

पितृ पक्ष 2022 की तिथियां
पूर्णिमा श्राद्ध – 11 सितंबर
द्वितीया, तृतीया श्राद्ध – 12 सितंबर
चतुर्थी श्राद्ध – 13 सितंबर
पंचमी श्राद्ध – 14 सितंबर
षष्ठी श्राद्ध – 15 सितंबर
सप्तमी श्राद्ध – 17 सितंबर
अष्टमी श्राद्ध- 18 सितंबर
नवमी श्राद्ध – 19 सितंबर
दशमी श्राद्ध – 20 सितंबर
एकादशी श्राद्ध – 21 सितंबर
द्वादशी श्राद्ध- 22 सितंबर
त्रयोदशी श्राद्ध – 23 सितंबर
चतुर्दशी श्राद्ध – 24 सितंबर
पितृ पक्ष समाप्त – 25 सितंबर

नोट : इस लेख में दी गई सभी सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित है। बंसल न्यूज इसकी पुष्टि नहीं करता। अमल में लाने के पहले विशेषज्ञों की सलाह जरूर ले लें।

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