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Parliament Attack: संसद पर आतंकी हमले की 19वीं बरसी पर बोले PM मोदी- कायरतापूर्ण हमले को हम कभी नहीं भूलेंगे

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Sonu Singh
Parliament Attack: संसद पर आतंकी हमले की 19वीं बरसी पर बोले PM मोदी- कायरतापूर्ण हमले को हम कभी नहीं भूलेंगे

Image Source: Twitter@Vice President of India

2001 Parliament Attack: साल 2001 में भारत की संसद पर हुए आतंकी हमले की आज 19वीं बरसी है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर देश के तमाम राजनेताओं ने इस हमले में शहीद हुए सुरक्षाकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। संसद पर हुए इस हमले में पांच आतंकी समेत कुल 14 लोग मारे गए थे। हमले में दिल्ली पुलिस के 6 जवान और संसद भवन की सुरक्षा सेवा के दो कर्मचारी और संसद के एक माली की मौत हुई थी। भारत सरकार के मुताबिक यह हमला जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा ने किया था।

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https://twitter.com/BJP4India/status/1337985449806028800

गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने भी संसद भवन पर हुए हमले में जान गंवाने वाले जवानों को श्रद्धांजलि दी।

https://twitter.com/ANI/status/1338007206495543296

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा, हम 2001 में आज के दिन अपनी संसद पर हुए कायरतापूर्ण हमले को कभी नहीं भूलेंगे। हम उन लोगों की वीरता और बलिदान को याद करते हैं जिन्होंने हमारी संसद की रक्षा करते हुए अपनी जान गंवा दी। भारत हमेशा उनका शुक्रगुजार रहेगा।

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आतंकवाद लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा
उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने ट्वीट कर कहा, 2001 में संसद पर हुए आतंकी हमले से हमारे लोकतंत्र के मंदिर की रक्षा में अपना सर्वोच्च बलिदान करने वाले वीरों को शत-शत नमन! ये दिन याद दिलाता है कि आतंकवाद लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा है। आतंक समर्थक देशों के विरुद्ध विश्व समुदाय को एकजुट होना चाहिए।

राजनाथ सिंह ने ट्वीट कर कहा, 2001 में आज के दिन संसद पर हुए आतंकी हमले का डट कर मुक़ाबला करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी बहादुर सुरक्षा कर्मियों के पराक्रम एवं शौर्य को मैं नमन करता हूं। उनकी शौर्यगाथा को इस देश की आने वाली पीढ़ियां भी याद रखेंगी।

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बता दें कि, आज ही के दिन 2001 में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आतंकी संसद भवन के परिसर तक पहुंचने में कामयाब रहे थे। जिस समय यह हमला हुआ था, उस वक्त संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा था। संसद के दोनों सदन कुछ देर के लिए स्थगित हुए थे। लालकृष्ण आडवाणी समेत 100 अन्य लोग संसद भवन में मौजूद थे।

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