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ओवर थिकिंग से कैसे बचें: मनोचिकित्सक डॉ. त्रिवेदी की किताब का विमोचन,‌ अनावश्यक विचारों से बचने के‌ वैज्ञानिक मंत्र

Overthinking Se Azadi: सत्यकांत त्रिवेदी ने कहा कि उनका उद्देश्य लोगों को सरल और वैज्ञानिक तरीकों से मानसिक स्वतंत्रता दिलाना है।

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Kushagra valuskar
ओवर थिकिंग से कैसे बचें: मनोचिकित्सक डॉ. त्रिवेदी की किताब का विमोचन,‌ अनावश्यक विचारों से बचने के‌ वैज्ञानिक मंत्र

Overthinking Se Azadi: मध्य प्रदेश की राजधानी में आयोजित भोपाल लिटरेचर फेस्टिवल में देश के प्रख्यात मनोचिकित्सक डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी की नई पुस्तक ओवर थिकिंग से आजादी (Overthinking Se Azadi) का लोकार्पण किया गया। यह बुक मानसिक तनाव और अत्यधिक विचार करने की आदत से मुक्ति पाने के व्यावहारिक उपायों पर केंद्रित है।

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डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी ने बताया कि यह पुस्तक उन लोगों के लिए है, जो अनावश्यक विचारों के जाल में फंसकर मानसिक शांति खो चुके हैं। पुस्तक विमोचन के दौरान उपस्थित पाठकों ने इसे एक जीवन-परिवर्तनकारी कृति बताया।

किताब को लेकर पाठकों में उत्साह

एक युवा पाठक ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में यह बुक हमारी पीढ़ी के लिए बहुत जरूरी है। वहीं, एक गृहिणी ने इसे हर उम्र के व्यक्ति के लिए उपयोगी बताया। लोगों ने कहा कि यह पुस्तक न केवल समाधान देती है, बल्कि यह एहसास भी दिलाती है कि ओवरथिंकिंग की समस्या से जूझ रहे लोग अकेले नहीं हैं।

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डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी ने कहा

सत्यकांत त्रिवेदी ने कहा कि उनका उद्देश्य लोगों को सरल और वैज्ञानिक तरीकों से मानसिक स्वतंत्रता दिलाना है। उन्होंने बताया कि पुस्तक में ओवरथिंकिंग से निपटने के लिए प्रैक्टिकल टिप्स और तकनीकें शामिल हैं, जो रीडर्स को उनके विचारों को कंट्रोल करने और मानसिक शांति प्राप्त करने में मदद करेंगी।

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भोपाल लिट फेस्ट में पुस्तक का विमोचन एक साहित्यिक उपलब्धि थी। वहीं, यह मानसिक स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता का भी प्रतीक बना है। किताब ने पाठकों के बीच खासा उत्साह पैदा किया है और इसे मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण योगदान माना जा रहा है।

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