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भारतीय सेना दुनिया की सबसे बड़ी स्वैच्छिक स्थायी सेनाओं में से एक है। इसमें 12 लाख से अधिक सक्रिय और लगभग 9 लाख रिजर्व सैनिक हैं।
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भारतीय सेना सियाचिन ग्लेशियर की सुरक्षा करती है। यह दुनिया का सबसे ऊँचा युद्ध क्षेत्र और गैर-ध्रुवीय इलाकों का दूसरा सबसे लंबा ग्लेशियर है।
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61वीं कैवेलरी रेजिमेंट भारत की सबसे बड़ी घुड़सवार यूनिट है। यह दुनिया की आखिरी सक्रिय बिना मशीनीकरण वाली कैवेलरी में शामिल है।
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भारतीय सेना अपने अनुशासन और युद्ध क्षमता के लिए प्रसिद्ध है। विश्व में इसे अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा स्थान माना जाता
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भारतीय सेना का आदर्श वाक्य “Service Before Self” है। यह 1949 से अब तक बिना बदले कायम है।
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भारत संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों में सबसे ज़्यादा सैनिक भेजता है। वर्तमान में 6,000 से अधिक भारतीय जवान तैनात हैं।
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भारतीय सेना सिर्फ युद्ध ही नहीं, आपदा राहत में भी अहम भूमिका निभाती है। बाढ़, भूकंप, कोरोना और चुनाव सुरक्षा में सेना आगे रहती है।
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योगेन्द्र सिंह यादव सबसे कम उम्र के परमवीर चक्र विजेता हैं। उन्होंने 19 वर्ष की उम्र में कारगिल युद्ध में यह सम्मान पाया।
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कुछ स्पेशल फोर्स यूनिट्स की जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहती है। उनकी संख्या, तैनाती और कमांड स्ट्रक्चर सार्वजनिक नहीं होता।
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भारतीय सेना देश में सबसे ज़्यादा स्वैच्छिक रक्तदान करती है। हर साल हजारों यूनिट रक्तदान किया जाता है।
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गोरखा सैनिक भारतीय सेना का गौरवशाली हिस्सा हैं। उन्होंने कारगिल युद्ध सहित कई लड़ाइयों में बहादुरी दिखाई।
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सेना के पास प्रशिक्षित डॉग स्क्वाड भी होता है। ये कुत्ते विस्फोटक खोज, ट्रैकिंग और रेस्क्यू में मदद करते हैं।
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