Advertisment

मंत्री अकबर द्वारा 907 छात्र-छात्राओं को 45.30 लाख रूपए छात्रवृत्ति व सहायता राशि का ऑनलाइन भुगतान

मंत्री अकबर द्वारा 907 छात्र-छात्राओं को 45.30 लाख रूपए छात्रवृत्ति व सहायता राशि का ऑनलाइन भुगतान

author-image
News Bansal
मंत्री अकबर द्वारा 907 छात्र-छात्राओं को 45.30 लाख रूपए छात्रवृत्ति व सहायता राशि का ऑनलाइन भुगतान
Image source: cg dpr

रायपुर: वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर ने आज राजधानी के शंकर नगर स्थित अपने निवास कार्यालय से आज व्यावसायिक तथा गैर-व्यावसायिक स्नातक कोर्स हेतु छात्रवृत्ति अथवा अनुदान प्रदाय योजना के तहत 907 छात्र-छात्राओं के बैंक खाते में 45 लाख 30 हजार रूपए का ऑनलाइन भुगतान किया। यह राशि तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा लागू योजना के तहत प्रदाय की गई।

Advertisment

इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री अकबर ने कहा कि छत्तीसगढ़ में तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के हितों का पूरा-पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में तेंदूपत्ता संग्राहण दर की राशि बढ़ाने से जहां एक ओर संग्राहकों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है तथा रोजगार के साधन उपलब्ध हुए हैं। वहीं दूसरी ओर विभिन्न योजनाओं के माध्यम से तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को मेघावी छात्र तथा छात्राओं को आगे की पढ़ाई के लिए भरपूर प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में इसके तहत तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के मेघावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कार, प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति तथा व्यावसायिक कोर्स हेतु छात्रवृत्ति और गैर-व्यावसायिक स्नातक कोर्स हेतु अनुदान प्रदाय करने की योजना लागू है।

गौरतलब है कि व्यावसायिक कोर्स हेतु छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत प्रत्येक प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति में प्रत्येक वर्ष एक विद्यार्थी जिसने किसी भी व्यावसायिक कोर्स जैसे - इंजीनियरिंग, मेडिकल, विधि, एम.बी.ए. तथा नर्सिंग में प्रवेश लिया हो तथा जिस कोर्स के प्रवेश हेतु न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता कक्षा 12वीं हो, उसका चयन इस छात्रवृत्ति के लिए किया जाता है। इसके तहत प्रथम वर्ष में 10 हजार रूपए एवं द्वितीय वर्ष तथा पश्चातवर्ती वर्षों में 5 हजार रूपए प्रतिवर्ष अधिकतम कुल 4 वर्षों तक राशि 25 हजार रूपए की छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई जाती है।

इसी तरह गैर-व्यावसायिक स्नातक कोर्स हेतु अनुदान योजना के तहत प्रत्येक प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति क्षेत्र के अंतर्गत प्रत्येक वर्ष एक छात्र व एक छात्रा जिसने किसी भी राज्य शासन-केन्द्र शासन द्वारा मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्था में किसी गैर-व्यावसायिक स्नातक कोर्स जैसे बी.ए., बी.कॉम, बी.एस.सी. आदि स्नातक कोर्स में प्रवेश लिया हो, उसको कोर्स के प्रथम वर्ष में 5 हजार रूपए, द्वितीय वर्ष में 4 हजार रूपए एवं तृतीय वर्ष में 3 हजार रूपए अर्थात् तीन वर्षों में कुल 12 हजार रूपए की अनुदान राशि उपलब्ध कराई जाती है।

Advertisment
Advertisment
चैनल से जुड़ें