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जबलपुर: कोरोना वायरस के संक्रमण के बीच आए ब्लैक फंगस का कहर अभी प्रदेश झेल ही रहा है कि अब व्हाइट फंगस ने भी प्रदेश में दस्तक दे दी है। व्हाइट फंगस से संक्रमित का पहला मरीज गुप्तेश्वर क्षेत्र में मिला है। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में व्हाइट फंगस संक्रमित मरीज को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।
हालांकि, मेडिकल के चिकित्सकों का कहना है कि व्हाइट फंसग से ज्यादा डरने की जरूरत नहीं है। क्योंकि ये ब्लैक फंगस जितना खतरनाक नहीं है। लेकिन हां, प्रदेश में ब्लैक फंगस के मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शुक्रवार को मरीजों की संख्या 69 से बढ़कर 80 पहुंच गई है। निजी अस्पतालों में ब्लैक फंगस के 42 मरीज उपचाररत हैं।
कैसे पहचाने व्हाइट फंगस इंफेक्शन
इसके साथ ही यह फंगस इंसान के त्वचा, नाखून, मुंह के अंदरूनी हिस्से, आमाशय, आंत, किडनी, गुप्तांग और दिमाग पर भी बेहद बुरा असर डालता है। डॉक्टर्स का कहना है कि अगर एचआरसीटी में कोरोना के लक्षण दिखाई देते हैं तो व्हाइट फंगस का पता लगाने के लिए बलगम कल्चर की जांच जरूरी है। साथ ही उनका कहना है कि व्हाइट फंगस का कारण भी ब्लैक फंगस की तरह की इम्युनिटी कम होना ही है। उन लोगों में इसका खतरा ज्यादा रहता है जो डायबिटीज के मरीज हैं। या फिर लंबे समय तक स्टेरॉयड दवाएं ले रहे हैं।
व्हाइट फंगस से बचाव?
- बिना डॉक्टरी सलाह के एंटीबायोटिक या स्टीरॉयड्स ना लें
- धूल-मिट्टी या गंदगी वाली जगह पर न जाएं
- मास्क का प्रयोग करना
- इम्यून सिस्टम को मजबूत करने वाले खाद्य पदार्थ खाएं
- योगा और एक्सरसाइज करें
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