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Nursing Colleges Scam: निरीक्षण में शामिल 50 डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के खिलाफ विभागीय जांच, निलंबन की तैयारी शुरू

Nursing Colleges Scam: अपात्र कॉलेजों का निरीक्षण करने वाले 111 में से 90 चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ को नोटिस जारी कर दिया गया है।

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aman sharma
Nursing Colleges Scam: निरीक्षण में शामिल 50 डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के खिलाफ विभागीय जांच, निलंबन की तैयारी शुरू

Nursing Colleges Scam: मध्यप्रदेश के चर्चित नर्सिंग कॉलेज स्कैम (Nursing Colleges Scam) में विभागीय जांच जारी है। इसी बीच नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता में हुए फर्जीवाड़े के बाद इनके निरीक्षण में शामिल 50 डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के खिलाफ विभागीय जांच की शुरुआत हो चुकी है।

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केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जांच में अयोग्य पाए गए 66 कॉलेजों को मान्यता देने की रिक्मेंडेशन करने वाले इन अफसरों के निलंबन (Nursing Colleges Scam) की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। चिकित्सा शिक्षा विभाग में पहली बार एक साथ इतने लोगों की विभागीय जांच की जा रही है।

डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ को नोटिस जारी

दरअसल, अपात्र कॉलेजों का निरीक्षण करने वाले 111 में से 90 चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ को नोटिस जारी कर दिया गया है। साथ ही इनमें से पचास ही अपना जवाब देने में सफल हो पाए हैं।

हालांकि, सूत्रों के हवाले से पता चला है कि जिन लोगों ने अपने जवाब दिए हैं उनके जवाब से सरकार (Nursing Colleges Scam) पूर्ण संतुष्ट नहीं है। वहीं, संतुष्टि जवाब नहीं देने की वजह से इनके खिलाफ विभागीय जांच के लिए 3 से 15 दिनों के भीतर आरोप पत्र जारी करने के लिए सभी मेडिकल कॉलेजों के डीन को पत्र लिखा गया है।

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पहले आरोप पत्र फिर जांच

बता दें कि आरोप पत्र (Nursing Colleges Scam) जारी होने के बाद ही विभागीय जांच को शुरू किया जाएगा। विभागीय जांच से पहले संबंधित व्यक्ति को निलंबित करना आवश्यक होता है। ऐसे में अति शीघ्र इनके निलंबन की कार्रवाई को किया जा सकता है। वर्तमान में ये सभी डॉक्टर और नर्स मूल विभाग सहित कई अन्य जगह प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ हैं।

विभागीय जांच शुरू

चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त तरुण पिथोड़े ने बताया कि निरीक्षण में शामिल ऐसे डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ, जिन्होंने जांच के दौरान सही जवाब नहीं दिया है या जवाब ही नहीं दिया है उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।

इनके खिलाफ होगी कार्रवाई

गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल: डॉ. रोजी सुहेल, रजनी नायर, डॉ. जितेंद्र माहोर, डॉ. वीरेंद्र धुर्वे, प्रियदर्शिनी डेहरिया, रामरति यादव।

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MGM इंदौर: हिल्दा डेविड, रेखा मशानी, टीना नप्थेल, डॉ आकाशरादित्य शुक्ला, डॉ धर्मेंद्र सिंह राजपूत, उमा प्रीवल, डॉ संजय कुमार महाजन, भावना कन्नोजिया, कृष्णा पिल्लई।

रीवा मेडिकल कॉलेज: सत्यधर शर्मा व डॉ आयुष्मान शर्मा।

ग्वालियर मेडिकल कॉलेज: गिरजा झा, सूजा नायर और विमला प्रसाद।

जबलपुर मेडिकल कॉलेज: डॉ एनएल अग्रवाल, डॉ मनीष नागेंद्र, इस्टर सिबा, डॉ वंदना पुनासे, प्रभारी प्रचार्य स्टेला पीटर, नर्सिंग सिस्टर आरती तिवारी।

पूर्व सीएम से मिले रवि परमार

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से एनएसयूआई नेता रवि परमार ने दिल्ली में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने नर्सिंग घोटाले में भ्रष्टाचार से जुड़े दस्तावेजों को कांग्रेस पार्टी के नेताओं को सौंपे और इस मुद्दे को राज्यसभा में उठाने की मांग की।

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दूसरी तरफ विधानसभा के मानसून सत्र का भी कांग्रेस बेसब्री से इंतजार कर रही है। दरअसल, कांग्रेस के दिग्गज नेता नर्सिंग घोटाले को विधानसभा में उठाने की तैयारी जोरो शोरो पर कर रही है।

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