अस्पताल में कोविड पॉजिटिव ताऊजी की परेशानी देखते हुए NIFT की छात्रा ने बनाया मूविंग टॉयलेट, हमीदिया अस्पताल को करेंगी डोनेट

भोपाल: प्रदेश में एक छात्रा ने मरीजों की सुविधा के लिए मूविंग टॉयलेट बनाया है। इस टॉयलेट के होने से अस्पताल में भर्ती मरीजों को बेड से उठकर दूर जाने की जरूरत नहीं होगी। बता दें कि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT) की थर्ड की छात्रा ने अपने सिविल इंजीनियर पिता की सहायता से मूविंग टॉयलेट बनाया जो कि अस्पताल में भर्ती पेशेंट्स के लिए काफी सुविधाजनक साबित हो सकता है।

छात्रा ने बताया कि इस टॉयलेट को बनाने के पीछे यही मौटिव है कि अस्पताल में भर्ती मरीजों को बारा-बार अपने बिस्तर से उठकर टॉयलेट तक नहीं जाना पड़ेगा और इससे उनकी परेशानी बच जाएगी। टॉयलेट बनाने की सोच के पीछे छात्रा ने बताया कि डेढ़ महीने पहले उनका पूरा परिवार कोरोना संक्रमित हो गया था। उनके ताऊ राजेश माझे को हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया और वे करीब 7 दिन तक ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे, इस दौरान उन्हें टॉयलेट जाने में समस्या होती थी। यह सब देखने के बाद उन्होंने मरीजों के लिए मूविग टॉयलेट बनाने का निर्णय लिया।

प्रत्यक्षा माझे बताती हैं कि मूविंग टॉयलेट बनाने के फैसले के बाद उन्होंने खुद टॉयलेट डिजाइन किया और अपने पापा सिविल इंजीनियर बृजेश माझे की मदद से इसी सप्ताह तैयार किया है। प्रत्यक्षा के पापा सीपीए में कार्यरत हैं।

मूविंग टॉयलेट बनाने में लगे करीब 25000 रुपये

प्रत्यक्षा ने बताया कि मूविंग टॉयलेट बनाने में करीब 25000 रुपये का खर्चा आया और वे इस टॉयलेट को वे हमीदिया अस्प्ताल को डोनेट करेंगी, ताकि यह जरूरतमंदों के काम आ सके। बता दें कि प्रत्यक्षा के इस इनोवेशन को गोदरेज के वाइस प्रेसिडेंट बोमी गांधी ने ट्वीट कर इसकी सराहना की है।

व्हील चेयर के बराबर है मूविंग टायलेट

यह मूविंग टॉयलेट एक व्हील चेयर के बराबर जगह लेता है। जिसमें वेस्टर्न सीट लगी हुई है। इस टॉयलेट में 80 लीटर का ओवरहेड टैंक है और 100 लीटर का बॉटम टैंक के साथ ही इसे फाइबर शीट से कवर कर लॉक वाले पहियों पर बनाया गया है। इसके साथ ही एक बार टैंक में पानी भरने के बाद इसे 5 से 6 पेशेंट के बेड के पास ही यूज किया जा सकता है।

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