नेपाली पर्वतारोहियों की टीम ने सर्दियों में दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची पर्वत चोटी फतह कर रचा इतिहास -



नेपाली पर्वतारोहियों की टीम ने सर्दियों में दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची पर्वत चोटी फतह कर रचा इतिहास

इस्लामाबाद, 16 जनवरी (एपी) नेपाली पर्वतारोहियों की एक टीम ने सर्दियों के मौसम में दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची पर्वत चोटी ‘के 2’ को फतह कर शनिवार को इतिहास रच दिया। स्थानीय अप्लाइन क्लब के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

यह पर्वत चोटी हिमालय पवर्तमाला के पाकिस्तान में पड़ने वाले हिस्से में स्थित है। इसकी ऊंचाई 8,611 मीटर (28,251 फुट) है। दुनिया की सर्वोच्च पर्वत चोटी माउंट एवरेस्ट के बाद ‘के 2’ दूसूरी सबसे ऊंची पर्वत चोटी है।

पाकिस्तान के अलपाइन क्लब के सचिव के. हैदरी ने बताया कि 10 नेपाली शेरपाओं की एक टीम शाम करीब पांच बजे शिखर (के 2) पर पहुंची।

सर्दियों में ‘के 2’ पर 200 किलोमीटर प्रतिघंटा से अधिक की रफ्तार से हवाएं चलती हैं और तापमान शून्य से 60 डिग्री सेल्सियस नीचे चला जाता है।

हैदरी ने बताया कि सर्दियों में इससे पहले यह कामयाबी किसी ने नहीं हासिल की थी।

उन्होंने बताया कि करीब एक महीने पहले पर्वतारोहियों की चार अंतरराष्ट्रीय टीमें के 2 पर जाने के लिए आई थी।

हैदरी ने बताया कि इन टीमों में से नेपाल की 10 सदस्यीय टीम को ‘के 2’ फतह करने में सफलता मिली।

साल 1988 में पहली बार सर्दियो में ‘के 2’ पर पहुंचने की कोशिश की गई थी। यह पाक की चीन की सीमा से लगे काराकोरम रेंज में स्थित है।

हैदरी ने बताया कि कोई भी पर्वतारोही अब से पहले 7,750 मीटर से ऊपर नहीं जा सका था, लेकिन शनिवार को साफ मौसम ने नेपाली टीम ने कामयाबी दिलाने में एक अहम भूमिका निभाई।

एपी

नोमान सुभाष

सुभाष

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इस्लामाबाद, 16 जनवरी (एपी) नेपाली पर्वतारोहियों की एक टीम ने सर्दियों के मौसम में दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची पर्वत चोटी ‘के 2’ को फतह कर शनिवार को इतिहास रच दिया। स्थानीय अप्लाइन क्लब के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

यह पर्वत चोटी हिमालय पवर्तमाला के पाकिस्तान में पड़ने वाले हिस्से में स्थित है। इसकी ऊंचाई 8,611 मीटर (28,251 फुट) है। दुनिया की सर्वोच्च पर्वत चोटी माउंट एवरेस्ट के बाद ‘के 2’ दूसूरी सबसे ऊंची पर्वत चोटी है।

पाकिस्तान के अलपाइन क्लब के सचिव के. हैदरी ने बताया कि 10 नेपाली शेरपाओं की एक टीम शाम करीब पांच बजे शिखर (के 2) पर पहुंची।

सर्दियों में ‘के 2’ पर 200 किलोमीटर प्रतिघंटा से अधिक की रफ्तार से हवाएं चलती हैं और तापमान शून्य से 60 डिग्री सेल्सियस नीचे चला जाता है।

हैदरी ने बताया कि सर्दियों में इससे पहले यह कामयाबी किसी ने नहीं हासिल की थी।

उन्होंने बताया कि करीब एक महीने पहले पर्वतारोहियों की चार अंतरराष्ट्रीय टीमें के 2 पर जाने के लिए आई थी।

हैदरी ने बताया कि इन टीमों में से नेपाल की 10 सदस्यीय टीम को ‘के 2’ फतह करने में सफलता मिली।

साल 1988 में पहली बार सर्दियो में ‘के 2’ पर पहुंचने की कोशिश की गई थी। यह पाक की चीन की सीमा से लगे काराकोरम रेंज में स्थित है।

हैदरी ने बताया कि कोई भी पर्वतारोही अब से पहले 7,750 मीटर से ऊपर नहीं जा सका था, लेकिन शनिवार को साफ मौसम ने नेपाली टीम ने कामयाबी दिलाने में एक अहम भूमिका निभाई।

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