National French Fry Day 2025: फ्रेंच फ्राई यानी तले हुए आलू की पतली-पतली स्लाइस आज भारत में बच्चों से लेकर बड़ों तक का फेवरेट स्नैक बन चुका है। युवा और बच्चों में इसका ज्यादा क्रेज है। क्या आपको पता है ये भारत में कैसे आया और ये कहां की डिश है।
भारत में कहां से आया फ्रेंच फ्राई ?
नाम ‘फ्रेंच फ्राई’ है, लेकिन इसका जन्म बेल्जियम में माना जाता है। 17वीं सदी में बेल्जियम के लोगों ने आलू को पतला काटकर तेल में तलना शुरू किया था। बाद में फ्रांसीसी सैनिकों ने इसे अपनाया और अमेरिका में इसे ‘फ्रेंच फ्राई’ के नाम से प्रमोट किया गया। अमेरिका में McDonald’s और दूसरे फास्ट फूड चेन के जरिए यह ग्लोबल स्नैक बन गया।
भारत में कब आया फ्रेंच फ्राई ?
भारत में फ्रेंच फ्राई 1990 के दशक में फास्ट फूड कल्चर के साथ आया। जब मल्टीनेशनल चेन जैसे मैकडॉनल्ड्स, KFC और पिज्जा हट भारत में खुले, तब ये स्नैक भारतीय युवाओं की पसंद बना। शुरुआत में इसे सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित रखा गया, लेकिन आज छोटे कस्बों में भी ये फेमस है।
भारतीय स्वाद में ढला फ्रेंच फ्राई
भारत में आते ही फ्रेंच फ्राई ने भी देसी रूप ले लिया। अब यह सिर्फ नमक और केचप तक सीमित नहीं रहा। चाट मसाला, चीज, स्पाइसी मेयो और यहां तक कि तंदूरी टॉपिंग्स के साथ भी इसे खाया जाता है।
ऐसे बनाएं फ्रेंच फ्राई
सामग्री
आलू – 4-5 बड़े आकार के
ठंडा पानी – भिगोने के लिए
नमक – स्वादानुसार
कॉर्नफ्लोर या अरारोट – 2 टेबल स्पून
तेल – तलने के लिए
कैसे बनाएं
आलू को लंबाई में पतली-पतली स्ट्रिप्स (जैसे होटल वाली फ्राइज) में काट लें।
कटे हुए आलूओं को ठंडे पानी में 30 मिनट तक भिगो दें। इससे एक्स्ट्रा स्टार्च निकल जाएगा और फ्राई क्रिस्पी बनेंगी।
भिगोने के बाद आलू को अच्छे से कपड़े से पोंछकर सूखा लें।
हल्के गर्म पानी में 3-4 मिनट उबालें, लेकिन पूरी तरह नरम न करें। फिर निकालकर ठंडा करें।
उबले आलू को फ्रीजर में 30 मिनट रखें। इससे फ्राइज और कुरकुरी बनती हैं।
सूखे आलू पर हल्का सा कॉर्नफ्लोर या अरारोट छिड़कें और मिक्स करें।
पहले मध्यम आंच पर फ्राई करें और हल्का सुनहरा होने पर निकाल लें।
फिर 10 मिनट बाद तेज़ आंच पर दोबारा फ्राई करें ताकि वे क्रिस्पी बनें।
ऊपर से स्वादानुसार नमक, चाट मसाला या पेरि-पेरि डालें।
फ्रेंच फ्राई ज्यादा खाने के नुकसान
फ्रेंच फ्राई में अत्यधिक तेल और नमक होता है, जिससे वजन बढ़ना और ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा रहता है।
रोज खाने से कोलेस्ट्रॉल और दिल की बीमारियों का जोखिम बढ़ सकता है।
फ्राई करते समय बनने वाले ट्रांस-फैट्स और एक्रिलामाइड जैसे तत्व कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की आशंका बढ़ा सकते हैं।