Advertisment

मानहानि केस में मेधा पाटकर दोषी करार: दिल्ली की साकेत कोर्ट ने 20 साल पुराने केस में सुनाया फैसला, जानें क्या है मामला

Medha Patkar: मानहानि केस में मेधा पाटकर दोषी करार: दिल्ली की साकेत कोर्ट ने 20 साल पुराने केस में सुनाया फैसला, जानें क्या है मामला

author-image
Preetam Manjhi
मानहानि केस में मेधा पाटकर दोषी करार: दिल्ली की साकेत कोर्ट ने 20 साल पुराने केस में सुनाया फैसला, जानें क्या है मामला
हाइलाइट्स
  • पाटकर ने सक्सेना पर लगाए थे आरोप
  • मानहानि केस में मेधा पाटकर दोषी करार
  • कोर्ट ने 20 साल पुराने केस में सुनाया फैसला
Advertisment

Medha Patkar: सामाजिक कार्यकर्ता और नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता मेधा पाटकर को दिल्ली साकेत कोर्ट ने दोषी करार दिया है।

आपको बता दें कि दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने उनके खिलाफ दर्ज कराए गए मानहानि के केस में दोषी ठहराया है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ये मामला पाटकर और दिल्ली एलजी वीके सक्सेना के बीच साल 2003 से चल रहा है।

Advertisment

उस वक्त मेधा पाटकर ने अपने और नर्मदा बचाओ आंदोलन के खिलाफ विज्ञापन प्रकाशित करने के लिए वीके सक्सेना के खिलाफ मामला दर्ज कराया था।

मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट राघव शर्मा ने पाटकर को आपराधिक मानहानि दोषी पाया।

https://twitter.com/BansalNewsMPCG/status/1794293794315309426

पाटकर ने सक्सेना पर लगाए थे ये आरोप

आपको बता दें कि एक टीवी चैनल पर पैनल चर्चा में पाटकर ने आरोप लगाया था कि सक्सेना को गुजरात में मौजूद सरदार सरोवर निगम से सिविल कॉनट्रैक्ट मिले थे, जो कि सरदार सरोवर बांध का मैनेजमेंट करता है।

Advertisment

सक्सेना ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था। इसका खंडन उनकी टिप्पणियों के बाद सरदार सरोवर निगम निमिटेड ने गुजरात पुलिस को पत्र लिखकर किया था।

खंडन करते हुए कहा कि सक्सेना ने निगम से पहले कभी भी किसी सिविल कॉन्ट्रैक्ट या किसी सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट के लिए आवेदन नहीं किया।

सुनवाई के बाद कोर्ट ने ये कहा

सुनवाई के बाद कोर्ट ने कहा कि मेधा पाटकर ने IPC की धारा 500 के तहत अपराध किया है। इसके लिए उन्हें दोषी करार दिया जाता है।

Advertisment

उनकी ये हरकतें जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण थीं। जिसका मक्सद सिर्फ शिकायतकर्ता के नाम को खराब करना था।

उनके कामों ने सही में लोगों की नजर में उनकी प्रतिष्ठा को काफी नुकसान पहुंचाया है।

पाटकर ने सक्सेना को कायर कहा और लेनदेन में उनकी संलिप्तता का भी आरोप लगाया था।

Advertisment

ये न केवल मानहानिकारक थे, बल्कि नकारात्मक धारणाओं को भड़काने के लिए भी तैयार किए गए थे।

ये खबर भी पढ़ें: Ladli Behna Yojana: इस बार 3 या 4 तारीख को नहीं आएंगे लाड़ली बहनों के खातों में पैसे, ट्रांसफर तारीख में अब ये बदलाव

Advertisment
चैनल से जुड़ें