Advertisment

N.S Kapany: कौन हैं नरिंदर सिंह कपानी, जिन्हें नोबेल पुरस्कार देने की मांग उठ रही है

N.S Kapany: कौन हैं नरिंदर सिंह कपानी, जिन्हें नोबेल पुरस्कार देने की मांग उठ रही हैN.S Kapany: Who is Narinder Singh Kapany, to whom Nobel Prize is being demanded

author-image
Bansal Digital Desk
N.S Kapany: कौन हैं नरिंदर सिंह कपानी, जिन्हें नोबेल पुरस्कार देने की मांग उठ रही है

नई दिल्ली। इंटरनेट ने आज पुरी दुनिया को एक ग्लोबल विलेज बना दिया है। हम आज कही से बैठ कर कही की चीजे देख सकते हैं। कुछ खोज सकते हैं और किसी से आसानी से बात कर सकते हैं, ये सब संभव हो पाया है तेज इंटरनेट के कारण और इंटरनेट को तेज करने में अहम योगदान है ऑप्टिकल फाइबर का। इसी ऑप्टिकल फाइबर को बनाने वालों में से एक हैं नरिंदर सिंह कपानी (Narinder Singh Kapany)।

Advertisment

1952 में किया था अपने शोध का एलान
कपानी को इसका आइडिया एक कैमरे को देख कर आया था जिसमें प्रकाश के दिशा को लैंस और प्रिज्म के माध्यम से बदला जाता है। पहले उन्हें बताया गया था कि प्रकाश सीधी रेखाओं में आगे बढ़ता है। यही कारण है कि उन्होंने इस चीज पर शोध करना चाहा और वो इसके लिए लंदन पहुंच गए। वहां उन्होंने इंपीरियल कॉलेज लंदन (Imperial College London) में दाखिला लिया। जब वे वहां पुहंचे तो उन्हें पता चला कि वे ऐसा सोचने वाले अकेले व्यक्ति नहीं हैं। वहां और भी छात्र इस पर शोध कर रहे थे। वे प्रकाश को किसी लचीले ग्लास के माध्यम से दूर तक भेजने को लेकर रिसर्च कर रहे थे। कपानी भी बिना देर किए एक साइंटिस्ट 'हेरॉल्ड हॉपकिंस्ट' (Harold Hopkinst) के साथ मिलकर अध्ययन करने लगे और साल 1952 में दोनों ने नेचर पत्रिका (Nature magazine) में अपनी खोज का एलान किया।

निधन के बाद नोबल देने की उठ रही है मांग
उन्होंने दुनिया को बताया कि किस तरह से हजारों बेहद पतले ग्लास फाइबर को एक सिरे से दूसरे सिरे तक जोड़ा जा सकता है। डॉ कपानी, हॉपकिंस और एक अन्य शोधकर्ता के रिसर्च पेपर के आधार पर ही ऑप्टिकल फाइबर का जन्म हुआ। पत्रकारों ने डॉ कपानी को ही ऑप्टिकल फाइबर का जनक माना। लेकिन साल 2009 में ऑप्टिकल फाइबर की खोज के लिए चार्ल्स काव को नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize) दे दिया गया। जिसके बाद कई लोगों ने सवाल खड़े किए, उनका मानना था कि इस पुरस्कार के असली हकदार डॉ. कपानी थे। अब कपानी इस दुनिया में नहीं है। हाल ही में 94 साल की आयु में उनका निधन हो गया। अब लोग फिर से एक बार उन्हें नोबल देने की मांग कर रहे हैं।

ऑप्टिकल फाइबर पर उन्होंने 56 शोधपत्र लिखे हैं
डॉ कपानी ने ऑप्टिकल फाइबर के क्षेत्र में खुब काम किया है। उन्होंने 1955-1966 के बीच ऑप्टिकल फाइबर पर करीब 56 शोधपत्र लिखे हैं। कपानी का जन्म पंजाब के मोगा में हुआ था। भारत में ही उन्होंने ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई की थी। इसके बाद वे इंग्लैंड चले गए। जहां से उन्होंने आगे की पढ़ाई की।

Advertisment
Nobel Prize Nature magazine narinder singh kapany nobel prize narinder singh kapany invention narinder singh kapany death narinder singh kapany biography Narinder Singh Kapany N.S Kapany Imperial College London Harold Hopkinst
Advertisment
चैनल से जुड़ें